Шукуфта шуд гули ҳмроу гашти булбули маст
شکفته شد گل حَمرا و گشت بلبل مست
Салои сархушӣ , эй суфиёни бодаи параст
صَلایِ سرخوشی، ای صوفیانِ باده پرست
Асоси тавба ки дар муҳкамӣ чу санг намӯд
اساسِ توبه که در محکمی چو سنگ نُمود
Бибин ки ҷоми зҷоҷӣ чаҳ турфа аш бишикаст
ببین که جامِ زُجاجی چه طُرفهاش بشکست
Биор бода ки дар боргоҳи истиғно
بیار باده که در بارگاهِ استغنا
Чаҳ посбон ва чаҳ султон , чаҳ ҳӯшёр ва чаҳ маст
چه پاسبان و چه سلطان، چه هوشیار و چه مست
Аз ин работи ду дар , чун заруратаст раҳил
از این رِباط دو در، چون ضرورت است رَحیل
Равоқу тоқи маишат , чаҳ сарбаланд ва чаҳ паст
رِواق و طاقِ معیشت، چه سربلند و چه پست
Мақоми айш муяссар намешавад бе ранҷ
مقام عیش میسر نمیشود بیرنج
Балӣ ба ҳукми бало бастаанд аҳди аласт
بلی به حکمِ بلا بستهاند عهدِ الست
Ба ҳаст ва нест маранҷон замир ва хуш ме бош
به هست و نیست مَرنجان ضمیر و خوش میباش
Ки нестӣаст саранҷом ҳар камол ки ҳаст
که نیستیست سرانجامِ هر کمال که هست
Шикваи Осифӣу асби боду мантиқи тайр
شکوهِ آصِفی و اسبِ باد و منطقِ طیر
Ба бод рафт ва аз ӯ хоҷаи ҳеҷ тараф набаст
به باد رفت و از او خواجه هیچ طَرف نبست
Ба болу пари Марв аз раҳ ки тири партобӣ
به بال و پَر مرو از ره که تیرِ پرتابی
Ҳаво гирифт замонӣ , вале ба хок нишаст
هوا گرفت زمانی، ولی به خاک نشست
Забони калаки ту ҳофиз чаҳ шукр он гуяд
زبانِ کِلکِ تو حافظ چه شُکرِ آن گوید
Ки гуфта суханат мебаранд даст ба даст
که گفتهٔ سخنت میبرند دست به دست