Рӯй бинмоӣу вуҷӯди худам аз ёди бабр
روی بِنْمای و وجودِ خودم از یاد بِبَر
Хирмани сӯхтагонро ҳамаи гӯи боди бабр
خَرمنِ سوختگان را همه گو باد بِبَر
Мо чу додеми дилу дида ба тӯфони бало
ما چو دادیم دل و دیده به طوفانِ بلا
Гӯи биёи сайли ғаму хонаи зи бунёди бабр
گو «بیا سیلِ غم و خانه ز بنیاد بِبَر»
Зулф чун анбари хомаш ки ббўид ? ҳайҳот
زلفِ چون عَنبَرِ خامَش که ببوید؟ هیهات
эй дили хоми тамаъ , ин сухан аз ёди бабр
ای دلِ خامطمع! این سخن از یاد بِبَر
Синаи гӯи шуълаи оташкада Форс бикаш
سینه گو «شعلهٔ آتشکدهٔ فارس بِکُش»
Дидаи гӯи оби рухи диҷлаи Бағдоди бабр
دیده گو «آبِ رخِ دجلهٔ بغداد بِبَر»
Давлати пери Муғони бод ки боқӣ саҳл аст
دولتِ پیرِ مُغان باد که باقی سهل است
Дайгарӣ гӯ бираву номи ман аз ёди бабр
دیگری گو «برو و نامِ من از یاد بِبَر»
Саъии нобарда дар ин роҳ ба ҷое нарисӣ
سعینابرده در این راه به جایی نرسی
Музд агар май талабии тоъати устоди бабр
مزد اگر میطلبی، طاعتِ استاد بِبَر
Рӯзи маргами нафасии ваъда дидор бидиҳ
روزِ مرگم نفسی وعدهٔ دیدار بده
Ваон гуҳам то ба лаҳади фориғу озоди бабр
وآن گَهَم تا به لَحَد فارغ و آزاد بِبَر
Дӯш мегуфт ба мижгон дарозат бикашам
دوش میگفت «به مژگانِ درازت بِکُشم»
ё раб аз хотираши андешаи бедоди бабр
یا رب از خاطرش اندیشهٔ بیداد بِبَر
Ҳофиз андеша кун аз нозукии хотири ёр
حافظ اندیشه کن از نازکیِ خاطرِ یار
Бирав аз даргааши ин нолау фарёди бабр
برو از دَرگَهَش این ناله و فریاد بِبَر