эй хуррам аз фурӯғи рахти лолаи зори умр
ای خُرَّم از فروغِ رُخَت لاله زارِ عمر
Бозо ки рехт бе гули рӯяти баҳори умр
بازآ که ریخت بی گُلِ رویت بهارِ عمر
Аз дидагар сиришк чу борон чакад равост
از دیده گر سرشک چو باران چِکَد رواست
Кандар ғамат чу барқ бишуд рӯзгори умр
کاندر غمت چو برق بِشُد روزگارِ عمر
Ин як ду дам ки муҳлати дидор мумкин аст
این یک دو دَم که مهلتِ دیدار ممکن است
Дарёб кори мо ки на пайдост кори умр
دریاب کارِ ما که نه پیداست کارِ عمر
То кӣ май сабӯҳу шкрхўоби бомдод
تا کی مِی صَبوح و شِکرخوابِ بامداد
Ҳушёри гирд , ҳон ки гузашти ихтиёри умр
هشیار گَرد، هان که گذشت اختیارِ عمر
Дай дар гузор буду назари сӯй мо накард
دی در گذار بود و نظر سویِ ما نکرد
Бечораи дил ки ҳеҷ надид аз гузори умр
بیچاره دل که هیچ ندید از گذارِ عمر
Андеша аз муҳӣт фано нест ҳар ки ро
اندیشه از محیطِ فنا نیست هر که را
Бар нуқтаи даҳон ту бошад мадори умр
بر نقطهٔ دهانِ تو باشد مدارِ عمر
Дар ҳар тарафи зи хайли ҳаводиси камӣни гҳист
در هر طرف ز خیلِ حوادث کمینگهیست
Зон рӯи Аннан гусаста дуанд савори умр
زان رو عِنانگسسته دَوانَد سوارِ عمر
Беумр зиндаам ман ва ин баси аҷаби мадор
بی عمر زندهام من و این بس عجب مدار
Рӯзи фироқро ки наад дар шумори умр
روز فِراق را که نَهَد در شمارِ عمر
Ҳофиз сухан бигӯӣ ки бар сафҳаи ҷаҳон
حافظ سخن بگوی که بر صفحهٔ جهان
Ин нақш монад аз қаламати ёдгори умр
این نقش مانَد از قَلَمَت یادگارِ عمر