Дигари зи шохи сарви сеӣ булбули сабур
دیگر ز شاخِ سروِ سَهی بلبلِ صبور
Гулбонг зад ки чашми бад аз рӯй гул ба давр
گلبانگ زد که چشمِ بد از رویِ گُل به دور
эй гул ба шукри он ки туе подшоҳи ҳасан
ای گُل به شُکرِ آن که تویی پادشاهِ حُسن
Бо булбулон бедил шайдо макун ғурур
با بلبلانِ بیدلِ شیدا مَکُن غرور
Аз дасти ғайбати ту шикоят наме кунам
از دستِ غیبتِ تو شکایت نمیکنم
То нест ғайбатӣ набӯд лиззати ҳузур
تا نیست غیبتی نَبُوَد لذّتِ حضور
Гар дигарон ба айшу тараби харманду шод
گر دیگران به عیش و طَرَب خُرَّمَند و شاد
Моро ғамнигор буд мояи сарвар
ما را غمِ نگار بُوَد مایهٔ سُرور
Зоҳид агар ба ҳур ва қусӯраст умедвор
زاهد اگر به حور و قصور است امیدوار
Моро шробхонаҳ қусӯрасту ёри ҳур
ما را شرابخانه قصور است و یار حور
Май хур ба бонги чанг ва махӯр ғуссаи вар касе
مِی خور به بانگِ چنگ و مخور غصه ور کسی
Гуяд туро ки бода махӯр гӯи ҳўолғФўр
گوید تو را که باده مخور گو هُوَالْغَفُور
Ҳофизи шикоят аз ғами ҳиҷрон чаҳ мекунӣ ?
حافظ شکایت از غمِ هجران چه میکنی؟
Дар ҳиҷр васл бошад ва дар зулматаст нур
در هِجر وصل باشد و در ظلمت است نور