Насиҳатӣ кунамат бишинаву баҳонаи мгир
نصیحتی کُنَمَت بشنو و بهانه مَگیر
Ҳар ончии носеҳи мушфиқ бгўидт бипазир
هر آنچه ناصِحِ مُشْفِق بگویَدَت بپذیر
зи васл рӯй ҷавонон таматтуъӣ бурдор
ز وصلِ رویِ جوانان تَمَتُّعی بردار
Ки дар кмингаҳ умраст макри олами пер
که در کمینگهِ عمر است مَکرِ عالَمِ پیر
Наим ҳар ду ҷаҳони пеши ошиқон ба ҷӯй
نَعیم هر دو جهان پیش عاشقان بجوی
Ки ин матоъ қалиласт ва он атои касӣр
که این متاعِ قلیل است و آن عَطایِ کثیر
Муоширии хуш ва равадӣ бисоз ме хоҳам
معاشری خوش و رودی بساز میخواهم
Ки дард хеш бигӯям ба нолаи Баму зер
که دردِ خویش بگویم به نالهٔ بَم و زیر
Бар он серум ки нанӯшам май ва гунаҳ накунам
بر آن سَرَم که نَنوشَم مِی و گُنَه نکنم
Агар мувофиқи тадбир ман шавад тақдир
اگر موافقِ تدبیرِ من شَوَد تقدیر
Чу қисмати азалӣ беҳузур мо карданд
چو قسمتِ ازلی بیحضورِ ما کردند
Гар андакӣ на ба вифқ ризост хурдаи мгир
گر اندکی نه به وِفقِ رضاست خرده مگیر
Чу лола дар қадаҳами рези соқио майу машк
چو لاله در قَدَحم ریز ساقیا مِی و مُشک
Ки нақши хол нигорам намеравад зи замир
که نقشِ خالِ نگارم نمیرود ز ضمیر
Биор соғар дар хўшоб эй соқӣ
بیار ساغرِ دُرِّ خوشاب ای ساقی
Ҳасуди гӯи карам Осифӣ бибину бимир
حسود گو کَرَمِ آصفی ببین و بمیر
Ба азми тавбаи ниҳодами қадаҳи зи кафи сад бор
به عزمِ توبه نهادم قدح ز کف صد بار
Вале киришма соқӣ намекунад тақсир
ولی کرشمهٔ ساقی نمیکُنَد تقصیر
Май дусолау маҳбӯби чордаҳи сола
مِی دوساله و محبوبِ چارده ساله
Ҳамин басаст марои суҳбати сағиру кабӣр
همین بس است مرا صُحبتِ صَغیر و کَبیر
Дили рамидаи моро ки пеш мегирад ?
دل رمیدهٔ ما را که پیش میگیرد؟
Хабар диҳед ба маҷнӯни хаста аз занҷир
خبر دهید به مجنونِ خسته از زنجیر
Ҳадиси тавба дар ин бзмгаҳ магӯ ҳофиз
حدیثِ توبه در این بزمگه مگو حافظ
Ки соқёни камон абрӯят зананд ба тир
که ساقیان کمان ابرویَت زَنَند به تیر