Барнаёмад аз таманнои лабати комам ҳануз
برنیامد از تمنّایِ لَبَت کامم هنوز
Бар умеди ҷоми лаълати дардии ошомам ҳануз
بر امید جامِ لعلت دُردیآشامم هنوز
Рӯз аввал рафт дайнам дар сари зулфин ту
روز اول رفت دینم در سرِ زلفین تو
То чаҳ хоҳад шуд дар ин савдои саранҷомам ҳануз
تا چه خواهد شد در این سودا سرانجامم هنوز
Соқиои як ҷуръае зон оби отшгўн ки ман
ساقیا یک جرعهای زان آبِ آتشگون که من
Дар миёни пухтагони ишқ ӯ хомам ҳануз
در میانِ پُختگانِ عشقِ او خامم هنوز
Аз хато гуфтам шабии зулфи туро машки хутан
از خطا گفتم شبی زلفِ تو را مُشکِ خُتَن
намезанад ҳар лаҳзаи теғии мӯ бар андомам ҳануз
میزند هر لحظه تیغی مو بر اندامم هنوز
Партав рӯй ту то дар хилватам дид офтоб
پرتوِ رویِ تو تا در خلوتم دید آفتاب
намеравад чун соя ҳар дам , бар дару бомам ҳануз
میرود چون سایه هر دَم، بر در و بامم هنوز
Номи ман рафтаи сети рӯзӣ бар лаби ҷонон ба саҳв
نام من رفتهست روزی بر لبِ جانان به سَهو
Аҳли дилро буи ҷон меояд аз номам ҳануз
اهلِ دل را بویِ جان میآید از نامم هنوز
Дар азал дода сети моро соқии лаъли лабат
در ازل دادهست ما را ساقیِ لعلِ لبت
Ҷуръаи ҷомӣ ки ман мадҳуши он ҷомам ҳануз
جرعهٔ جامی که من مَدهوشِ آن جامم هنوز
эй ки гуфтӣ ҷон бидиҳ то бошиддати ороми ҷон
ای که گفتی جان بده تا باشَدَت آرامِ جان
Ҷон ба ғамҳояш супурдам , нест оромам ҳануз
جان به غمهایش سپردم، نیست آرامم هنوز
Дар қалам оварад ҳофизи қиссаи лаъли лабаш
در قلم آورد حافظ قصهٔ لَعلِ لَبَش
Об ҳайвон меравад ҳар дами зи ақломам ҳануз
آب حیوان میرود هر دَم ز اقلامم هنوز