Ба ҷони хоҷау ҳақи қадиму аҳди дуруст
به جانِ خواجه و حقِ قدیم و عهدِ درست
Ки мӯниси дами субҳам , дуоӣ давлат туаст
که مونسِ دمِ صبحم، دعایِ دولتِ توست
Сиришки ман ки зи тӯфони Нӯҳи дасти барад
سِرِشک من که ز طوفان نوح دست بَرَد
зи лавҳ сина наёраст нақши меҳри ту шаст
ز لوح سینه نیارَست نقشِ مهرِ تو شُست
Бикун муомилае , венаи дили шикастаи бихар
بکن معاملهای، وین دل شکسته بخر
Ки бо шикастагии арзад ба сад ҳазор дуруст
که با شکستگی ارزد به صد هزار درست
Забони мӯр ба осифи дарози гашт ва равост
زبان مور به آصف دراز گشت و رواست
Ки хоҷаи хотами ҷам , ёва кард ва боз наҷуст
که خواجه خاتَمِ جم، یاوه کرد و باز نَجُست
Дило тамаъ мабар аз лутф бе ниҳояти дӯст
دلا طَمَع مَبُر از لطفِ بینهایتِ دوست
Чу лоф ишқ задӣ , сар бибоз , чобуку чуст
چو لافِ عشق زدی، سر بباز، چابک و چُست
Ба сидқ кӯш , ки хуршед зояд аз нафаст
به صدق کوش، که خورشید زایَد از نَفَسَت
Ки аз дурӯғи сияҳ рӯй гашти субҳи нахуст
که از دروغ سیهروی گشت صبحِ نخست
Шудам зи дасти ту шайдои кӯҳу дашт ва ҳануз
شدم ز دست تو شیدای کوه و دشت و هنوز
намекунӣ ба тараҳҳум , натоқ силсилаи суст
نمیکنی به ترحم، نِطاق سلسله سست
Маранҷ ҳофиз ва аз дилбари ани ҳифози мҷўӣ
مرنج حافظ و از دلبران حِفاظ مجوی
Гуноҳи боғ чаҳ бошад чу ин гиёҳ нараст
گناه باغ چه باشد چو این گیاه نَرُست