Чу бршксти сабои зулфи ънброФшонш
چو بر شکست صبا زلفِ عنبرافشانش
Ба ҳар шикаста ки пайваст тоза шуд ҷонаш
به هر شکسته که پیوست، تازه شد جانش
Куҷост ҳмнФсӣ ? то ба шарҳи арзаи даҳум
کجاست همنفسی؟ تا به شرح عرضه دَهَم
Ки дил чаҳ мекашад аз рӯзгори ҳиҷронаш
که دل چه میکشد از روزگارِ هجرانش
Замона аз варақи гули мисол рӯй ту баст
زمانه از ورقِ گُل، مثالِ رویِ تو بست
Вале зи шарми ту дар ғунча кард пинҳонаш
ولی ز شرمِ تو در غنچه کرد پنهانش
Ту хуфтае ва нашуд ишқро каронаи падед
تو خفتهای و نشد عشق را کرانه پدید
Табораки аллоҳ аз ин раҳ ки нест пойонаш
تبارک الله از این رَه که نیست پایانش
Ҷамоли каъбаи магари узр раҳравон хоҳад
جمالِ کعبه مگر عذرِ رهروان خواهد؟
Ки ҷони зиндаи дилони сӯхт дар биёбонаш
که جانِ زندهدلان سوخت در بیابانش
Бад-ӣни шикастаи байти алҳзн ки май орад ?
بدین شکستهٔ بیت الحزن که میآرد
Нишони Юсуфи дил аз чаҳ занхдонаш
نشان یوسفِ دل از چَهِ زَنَخدانَش؟
Бигирам он сари зулф ва ба дасти хоҷаи даҳум
بگیرم آن سرِ زلف و به دستِ خواجه دهم
Ки сӯхти ҳофиз бе дили зи макру дастонаш
که سوخت حافظِ بیدل ز مکر و دستانش