Саҳари зи ҳотиф ғайбам расед мужда ба гӯш
سحر ز هاتفِ غیبم رسید مژده به گوش
Ки даври шоҳ шуҷоъаст , медалер бануш
که دورِ شاهشجاع است، مِی دلیر بنوش
Шуд он ки аҳли назар бар канора май рафтанд
شد آن که اهلِ نظر بر کناره میرفتند
Ҳазор гӯнаи сухан дар даҳону лаби хомӯш
هزار گونه سخن در دهان و لب خاموش
Ба савти чанги бигӯеми он ҳикоят ҳо
به صوتِ چنگ بگوییم آن حکایتها
Ки аз нуҳуфтан он дег сина мезад ҷӯш
که از نهفتنِ آن دیگِ سینه میزد جوش
Шароби хонагии тарси мӯҳтасиби хӯрда
شرابِ خانگیِ ترسِ محتسبخورده
Ба рӯй ёр банушему бонги нўшонўш
به رویِ یار بنوشیم و بانگِ نوشانوش
зи кӯии майкадаи дӯшаш ба дӯш май бурданд
ز کویِ میکده دوشش به دوش میبُردند
Эмоми шаҳр ки саҷҷода мекашид ба дӯш
امامِ شهر که سجاده میکشید به دوش
Дило далолат хайрат кунам ба роҳи наҷот
دلا! دلالتِ خیرت کنم به راهِ نجات
Макун ба фисқи мубоҳоту зуҳд ҳам мафруш
مکن به فسق مباهات و زهد هم مَفُروش
Маҳал нур таҷаллӣаст рои анвари шоҳ
محلِ نورِ تَجَلّیست رایِ انور شاه
Чу қурб ӯ талабӣ дар сафоӣ ният кӯш
چو قربِ او طلبی در صفایِ نیّت کوش
Ба ҷузи санои ҷалолаши мсози вирди замир
به جز ثنایِ جلالش مساز وِردِ ضمیر
Ки ҳаст гӯши дилаши муҳаррами паёми сурӯш
که هست گوشِ دلش محرمِ پیامِ سروش
Румузи маслиҳати малик хусравон донанд
رموزِ مصلحتِ مُلک خسروان دانند
Гадои гӯшаи нишинии ту ҳоФзои мхрўш
گدایِ گوشهنشینی تو حافظا مَخروش