Дӯш бо ман гуфт пинҳони кордонии тезҳӯш
دوش با من گفت پنهان کاردانی تیزهوش
Вази шумо пинҳон нишоед кард сар май фуруш
وز شما پنهان نشاید کرد سِرِّ مِیفروش
Гуфт осони гир бар худ корҳо каз рӯй табъ
گفت آسان گیر بر خود کارها کز رویِ طبع
Сахт мегардад ҷаҳон бар мардумон сахт кӯш
سخت میگردد جهان بر مردمانِ سختکوش
Ваон гуҳам дар дод ҷомӣ каз фурӯғаш бар фалак
وان گَهَم دَر داد جامی کز فروغش بر فلک
Зуҳра дар рақс омаду барбат занон мегуфт нӯш
زهره در رقص آمد و بَرْبَط زنان میگفت نوش
Бо дили хунини лаб хандон биовар ҳамчуи ҷом
با دلِ خونین لبِ خندان بیاور همچو جام
Неи ?герат захмӣ расад , ое чу чанги андари хурӯш
نی گَرَت زخمی رسد، آیی چو چنگ اندر خروش
То нагардӣ ошнои зини парда рамзӣ нашнавӣ
تا نگردی آشْنا زین پرده رَمزی نشنوی
Гӯш номаҳрам набошад ҷои пайғоми сурӯш
گوشِ نامحرم نباشد جایِ پیغامِ سروش
Гӯш кун панд эй писари вази баҳри дунё ғам махӯр
گوش کن پند ای پسر وز بهرِ دنیا غم مَخور
Гуфтамат чун дар ҳадисӣ ,гар туоне дошт ҳуш
گفتمت چون دُر حدیثی، گر توانی داشت هوش
Дар ҳарим ишқ натавон зад дам аз гуфт ва шунид
در حریمِ عشق نَتْوان زد دَم از گفت و شنید
Зон ки онҷои ҷумлаи аъзои чашм бояд буду гӯш
زان که آنجا جمله اعضا چشم باید بود و گوش
Бар бисоти нуктаи донони худфурӯшӣ шарт нест
بر بساطِ نکتهدانان خودفروشی شرط نیست
ё сухани донистаи гӯ эй марди оқил , ё хамӯш
یا سخن دانسته گو ای مردِ عاقل، یا خموش
Соқио май даҳ ки риндиҳои ҳофиз фаҳм кард
ساقیا مِی ده که رندیهایِ حافظ فهم کرد
Осифи соҳиби қирони ҷурми бахши айби пӯш
آصِفِ صاحبقرانِ جرمبخشِ عیبپوش