Дилам рамида шуду ғофилами ман дарвеш
دلم رمیده شد و غافلم منِ درویش
Ки он шикории саргаштаро чаҳ омад пеш
که آن شِکاریِ سرگشته را چه آمد پیش
Чу бед бар сари имони хеш май ларзам
چو بید بر سرِ ایمانِ خویش میلرزم
Ки дил ба дасти камони абрўиисти коФркиш
که دل به دستِ کمان ابروییست کافِرکیش
Хаёли ҳавсилаи баҳр май пазади ҳайҳот
خیال حوصلهٔ بحر میپزد هیهات
Чаҳҳост дар сари ин қатраи маҳоли андеш !
چههاست در سرِ این قطرهٔ محالاندیش!
Бинозам он мижаи шӯхи офияти каш ро
بنازم آن مژهٔ شوخِ عافیتکُش را
Ки мавҷ мезанадаш оби нӯш , бар сари неш
که موج میزندش آبِ نوش، بر سرِ نیش
зи остини табибони ҳазор хӯни бчкд
ز آستینِ طبیبان هزار خون بچکد
Гарм ба таҷриба дастӣ ниҳанд бар дили риш
گَرَم به تجربه دستی نهند بر دلِ ریش
Ба кӯии майкадаи гирёну сарфикандаи рӯм
به کویِ میکده گریان و سرفِکنده رَوَم
Чаро ки шарм ҳаме оядам зи ҳосили хеш
چرا که شرم همی آیدم ز حاصلِ خویش
На умр Хизр бимонад , на малики Искандар
نه عمرِ خِضر بِمانَد، نه مُلکِ اسکندر
Низо бар сари ?дане дун макун дарвеш
نزاع بر سرِ دنیی دون مَکُن درویش
Бидон камар нарасад даст ҳар гадои ҳофиз
بِدان کمر نرسد دستِ هر گدا حافظ
Хазонае ба кафовар зи ганҷи қорун беш
خزانهای به کف آور ز گنجِ قارون بیش