Агар он тарки широзӣ , ба дасти оради дили мо ро
اگر آن تُرکِ شیرازی به دست آرَد دلِ ما را
Ба холи ҳиндӯяши бахшам , Самарқанду Бухоро ро
به خال هِندویَش بَخشَم سَمَرقند و بُخارا را
Бидиҳ соқӣ , май боқӣ , ки дар ҷинат , нахоҳӣ ёфт
بده ساقی مِیِ باقی که در جَنَّت نخواهی یافت
Канори оби рукни ободу гули гашти мусалло ро
کنارِ آبِ رُکناباد و گُلگَشتِ مُصَلّا را
Фиғон кин лўлёни шӯхи ширини кори шаҳрошӯб
فَغان! کاین لولیانِ شوخِ شیرینکارِ شهرآشوب
Чунон бурданди сабр аз дил , ки таркон хон яғмо ро
چُنان بُردند صبر از دل که تُرکان خوانِ یَغما را
зи ишқи нотамоми мо , ҷамоли ёр мустағнӣ аст
ز عشقِ ناتمامِ ما جمالِ یار مُستَغنی است
Ба обу рангу холу хат , чаҳ ҳоҷат рӯй зебо ро
به آب و رنگ و خال و خط چه حاجت رویِ زیبا را؟
Ман аз он ҳасани рӯзафзӯн ки Юсуф дошт донистам
مَن از آن حُسنِ روزاَفزون که یوسُف داشت دانستم
Ки ишқ аз пардаи исмат , буруни оради Зулайхо ро
که عشق از پردهٔ عِصمت بُرون آرَد زُلِیخا را
Агар дашном фармое вагар нафрин , дуо гӯям
اگر دشنام فرمایی و گَر نفرین دعا گویم
Ҷавоби талх май зебад , лаби лаъли шкрхо ро
جوابِ تلخ میزیبَد لبِ لَعلِ شِکرخا را
Насиҳат гӯш кун ҷоно , ки аз ҷони дӯст тар доранд
نصیحت گوش کن جانا که از جان دوستتر دارند
Ҷавонони саодатманд , панди пери доно ро
جوانانِ سعادتمند پندِ پیرِ دانا را
Ҳадис аз мутриб ва май гӯу рози даҳр камтар ҷӯ
حَدیث از مُطرب و مِی گو و رازِ دَهر کمتر جو
Ки кас нагушӯд ва накушояд , ба ҳикмати ин муаммо ро
که کس نَگشود و نَگشاید به حکمت این مُعمّا را
Ғазал гуфтӣ ва дар сифтӣ , биё ва хуш бихон ҳофиз
غزل گفتی و دُر سُفتی بیا و خوش بخوان حافظ
Ки бар назм ту ифшоанд , фалаки ақди сурайё ро
که بر نظمِ تو اَفشانَد فَلَک عِقد ثُریّا را