Сабо ба лутф бигӯ он ғизоли раъно ро
صبا به لُطف بگو آن غزالِ رَعنا را
Ки сар ба кӯҳу биёбон , ту додае мо ро
که سَر به کوه و بیابان تو دادهای ما را
ШкрФрўш ки умраши дарози бод чаро
شِکر فُروش که عُمرَش دراز باد چرا
Тафаққудӣ накунад тӯтии шкрхоро ?
تَفَقُّدی نَکُنَد طوطیِ شِکرخا را؟
Ғурури ҳасанати иҷозати магари надод эй гул
غرورِ حُسنت اجازَت مَگَر نداد اِی گُل
Ки пурсишӣ накунӣ андалеби шайдоро ?
که پُرسِشی نکُنی عَندَلیب شیدا را
Ба халқу лутф тавон кард сайди аҳли назар
به خُلق و لطف توان کرد صیدِ اهلِ نظر
Ба банд ва дом нагиранд мурғи доно ро
به بند و دام نگیرند مرغِ دانا را
Надонам аз чаҳ сабаби ранг ошноӣ нест
ندانم از چه سبب رنگِ آشنایی نیست
Сеӣ қадони сияҳи чашми моҳи симо ро
سَهیقَدانِ سیَهچشمِ ماهسیما را
Чу бо ҳабиби нишинӣу бодаи паймое
چو با حبیب نِشینی و باده پِیمایی
Ба ёди дори муҳибони бодпимо ро
به یاد دار مُحِبّانِ بادپیما را
Ҷузи ин қадар натавон гуфт дар ҷамоли ту айб
جُز این قَدَر نَتوان گفت در جَمالِ تو عیب
Ки вазъи меҳр ва вафо нест рӯй зебо ро
که وضع مِهر و وفا نیست رویِ زیبا را
Дар осмон на аҷаб ,гар ба гуфта ҳофиз
در آسمان نه عجب گَر به گفتهٔ حافظ
Сурӯди Зуҳра ба рақс оварад масеҳо ро
سُرودِ زُهره به رقص آورد مسیحا را