Ба вақт гул шудам аз тавбаи шароби хаҷал
به وقت گُل شدم از توبهٔ شراب خجِل
Ки кас мабод зи кирдори носавоби хаҷал
که کَس مباد ز کِردارِ ناصَواب خجِل
Салоҳи мо ҳамаи дом раҳаст ва ман зини баҳс
صلاحِ ما همه دامِ رَه است و من زین بحث
Неам зи шоҳиду соқӣ ба ҳеҷ боби хаҷал
نیام ز شاهد و ساقی به هیچ باب خجِل
Буд ки ёр наранҷад зи мо ба халқи Карим
بوَد که یار نرنجد ز ما به خُلقِ کریم
Ки аз савол малулем ва аз ҷавоби хаҷал
که از سؤال ملولیم و از جواب خجِل
зи хӯн ки рафт шаби дӯш аз сарочаи чашм
ز خون که رفت شبِ دوش از سراچهٔ چشم
Шудем дар назари раҳравони хоби хаҷал
شدیم در نظر رَهرُوانِ خواب خجِل
Равост наргиси маст ар фиканд сар дар пеш
رواست نرگسِ مست ار فِکند سر در پیش
Ки шуд зи шеваи он чашми пари итоби хаҷал
که شد ز شیوهٔ آن چشمِ پُر عِتاب خجِل
Туе ки хўбтрии зи офтобу шукри худо
تویی که خوبتری ز آفتاب و شُکرِ خدا
Ки нестам зи ту дар рӯй офтоби хаҷал
که نیستم ز تو در رویِ آفتاب خجِل
Ҳиҷоби зулмат аз он басти оби Хизр ки гашт
حجابِ ظلمت از آن بست آبِ خضر که گشت
зи шеъри ҳофиз ва он табъи ҳамчуи оби хаҷал
ز شعرِ حافظ و آن طَبعِ همچو آب خجِل