Агар ба кӯй ту бошад марои маҷоли вусӯл
اگر به کویِ تو باشد مرا مَجالِ وصول
Расад ба давлати васли ту кори ман ба усӯл
رَسَد به دولتِ وصلِ تو کارِ من به اصول
Қарори бардаи зи ман он ду наргиси раъно
قرار برده ز من آن دو نرگسِ رَعنا
Фироқи бардаи зи ман он ду ҷодӯ ӣ мкҳўл
فَراغ برده ز من آن دو جادویِ مَکحول
Чу бар дар ту ман бенаво ӣ безару зӯр
چو بر درِ تو منِ بینوایِ بی زر و زور
Ба ҳеҷ боб надорам раҳи хурӯҷу духул
به هیچ باب ندارم رَهِ خروج و دُخول
Куҷои рӯм чаҳ кунам чора аз куҷо ҷӯям ?
کجا رَوَم چه کنم چاره از کجا جویم؟
Ки гаштаам зи ғаму ҷаври рӯзгори малул
که گَشتهام ز غم و جورِ روزگار مَلول
Ман шикастаи бдҳол зиндагӣ ёбам
منِ شکستهٔ بدحال زندگی یابم
Дар он замон ки ба теғ ғамат шавам мақтӯл
در آن زمان که به تیغِ غَمَت شَوَم مَقتول
Харобтар зи дили ман ғами ту ҷой наёфт
خرابتر ز دلِ من غمِ تو جای نیافت
Ки сохт дар дили тангами қарори гоҳи нузул
که ساخت در دلِ تنگم قرارگاهِ نزول
Дил аз ҷавоҳири меҳри т чу сайқалӣ дорад
دل از جواهرِ مِهرت چو صیقلی دارد
Буд зи занги ҳаводис ҳар оинаи мсқўл
بُوَد ز زنگِ حوادث هر آینه مَصقول
Чаҳ ҷурм кардаам ? эй ҷону дил , ба ҳазрати ту
چه جرم کردهام؟ ای جان و دل، به حضرتِ تو
Ки тоъати ман бедил намешавад мақбул
که طاعتِ منِ بیدل نمیشود مَقبول
Ба дард ишқ бисоз ва хамӯш кун ҳофиз
به دَردِ عشق بساز و خموش کن حافظ
Румуз ишқ макун фоши пеши аҳли уқул
رموزِ عشق مَکُن فاش پیشِ اهلِ عقول