Ба ғайр аз он ки бишуд дайну дониш аз дастам
به غیر از آن که بِشُد دین و دانش از دستم
Биё бигӯ ки зи ишқат чаҳ тараф барбастам
بیا بگو که ز عشقت چه طَرْف بَربَستَم؟
Агар чаҳ хирмани умрами ғам ту дод ба бод
اگر چه خَرمَنِ عمرم غمِ تو داد به باد
Ба хоки пои азизат ки аҳд нишкастам
به خاکپایِ عزیزت که عهد نشکستم
Чу зарра гарчи ҳақирам бибин ба давлати ишқ
چو ذَرِّه گرچه حقیرم؛ ببین به دولتِ عشق
Ки дар ҳавои рахт чун ба меҳри пайвастам
که در هوایِ رُخَت چون به مِهر پیوستم
Биор бода ки умрӣаст то ман аз сари амн
بیار باده که عمریست تا من از سَرِ اَمن
Ба кунҷи офият аз баҳри айши нншстм
به کُنجِ عافیت از بهرِ عیش نَنشَستَم
Агар зи мардуми ҳушёрӣ эй насиҳати гӯ
اگر ز مردمِ هشیاری ای نصیحتگو
Сухан ба хок Маяфкан чаро ки ман мастам
سخن به خاک مَیَفکَن؛ چرا که من مستم
Чигуна сари зи хиҷолати бароварам бар дӯст
چگونه سر ز خجالت برآورم بَرِ دوست
Ки хидматӣ ба сазо барнаёмад аз дастам
که خدمتی بسزا برنیامد از دستم
Бсухт ҳофиз ва он ёр длнўоз нагуфт
بسوخت حافظ و آن یارِ دلنواز نگفت
Ки марҳамӣ бифиристам ки хотираши хстм
که مَرهمی بفرستم که خاطرش خَستم