Худо чу сӯрати абрӯии длгшои ту баст
خدا چو صورتِ ابرویِ دلگشای تو بست
Кушоди кори ман андари киришмаҳои ту баст
گشادِ کارِ من اندر کرشمههایِ تو بست
Мароу сарви чаманро ба хоки роҳи нишонд
مرا و سروِ چمن را به خاکِ راه نشاند
Замона то қсби наргиси қабои ту баст
زمانه تا قَصَبِ نرگسِ قبای تو بست
зи кори моу дили ғунчаи сад гиреҳ багушӯд
ز کارِ ما و دلِ غنچه صد گره بگشود
Насими гул чу дили андари паии ҳавои ту баст
نسیمِ گل چو دل اندر پیِ هوایِ تو بست
Маро ба банди ту даврони чарх розӣ кард
مرا به بندِ تو دورانِ چرخ راضی کرد
Вале чаҳ суд ки сарришта дар ризои ту баст
ولی چه سود که سررشته در رضای تو بست
Чу нофа бар дили мискини ман гиреҳи мФкн
چو نافه بر دلِ مسکینِ من گره مَفِکن
Ки аҳд бо сари зулфи гиреҳи гушои ту баст
که عهد با سرِ زلفِ گرهگشایِ تو بست
Ту худ висол дигар будӣ эй насими висол
تو خود وصالِ دگر بودی ای نسیمِ وصال
Хатои нигар ки дили умед дар вафои ту баст
خطا نِگر که دل امید در وفایِ تو بست
зи дасти ҷавр ту гуфтам з шаҳр хоҳам рафт
ز دستِ جورِ تو گفتم زِ شهر خواهم رفت
Ба ханда гуфт ки ҳофиз бирав , ки пои ту баст ?
به خنده گفت که حافظ برو، که پایِ تو بست؟