Хилвати гузидаро ба тамошо чаҳ ҳоҷат аст
خلوت گُزیده را به تماشا چه حاجت است
Чун кӯй дӯст ҳаст ба саҳро чаҳ ҳоҷат аст
چون کوی دوست هست به صحرا چه حاجت است
Ҷоно ба ҳоҷатӣ ки туро ҳаст бо худо
جانا به حاجتی که تو را هست با خدا
Кохр дамӣ бипурс ки моро чаҳ ҳоҷат аст
کآخِر دمی بپرس که ما را چه حاجت است
эй подшоҳи ҳасани худоро бсухтем
ای پادشاهِ حُسن خدا را بسوختیم
Охир савол кун ки гадоро чаҳ ҳоҷат аст
آخِر سؤال کن که گدا را چه حاجت است
Арбоб ҳоҷатему забон савол нест
اربابِ حاجتیم و زبانِ سؤال نیست
Дар ҳазрати Карим , таманно чаҳ ҳоҷат аст
در حضرتِ کریم، تمنا چه حاجت است
Муҳтоҷ қисса нест ?герати қасди хӯни мост
محتاج قِصه نیست گَرَت قصدِ خون ماست
Чун рахт аз он туаст , ба яғмо чаҳ ҳоҷат аст
چون رَخت از آن توست، به یغما چه حاجت است
Ҷом ҷаҳон намост замири мунири дӯст
جامِ جهان نماست ضمیرِ منیرِ دوست
Изҳори эҳтиёҷ , худ он ҷо чаҳ ҳоҷат аст
اظهارِ احتیاج، خود آن جا چه حاجت است
Он шуд ки бори миннати млоҳи ?бардамӣ
آن شد که بارِ منتِ مَلّاح بردمی
Гавҳар чу даст дод ба дарё чаҳ ҳоҷат аст
گوهر چو دست داد به دریا چه حاجت است
эй муддаӣ бирав ки маро бо ту кор нест
ای مدعی برو که مرا با تو کار نیست
Аҳбоб ҳозиранд , ба аъдо чаҳ ҳоҷат аст
اَحباب حاضرند، به اَعدا چه حاجت است
эй ошиқи гадо чу лаби рӯҳи бахши ёр
ای عاشقِ گدا چو لبِ روحبخشِ یار
намедонадат вазифа , тақозо чаҳ ҳоҷат аст
میداندت وظیفه، تقاضا چه حاجت است
Ҳофиз ! ту хатм кун ки ҳунари худ аён шавад
حافظ! تو خَتم کن که هنر خود عَیان شود
Бо муддаии низоу мҳоко чаҳ ҳоҷат аст
با مدعی نزاع و مُحاکا چه حاجت است