Хаёли нақши ту дар коргоҳ дида кашидам
خیالِ نقشِ تو در کارگاهِ دیده کشیدم
Ба сӯрати ту нигорӣ надидам ва нишнидам
به صورتِ تو نگاری ندیدم و نشنیدم
Агарчӣ дар талабати ҳам Аннани боди шимолам
اگرچه در طلبت هم عِنانِ باد شِمالم
Ба гирди сарви хиромон қоматат нарасидам
به گَردِ سروِ خرامانِ قامتت نرسیدم
Умед дар шаби зулфат ба рӯзи умри нбстм
امید در شبِ زلفت به روزِ عمر نبستم
Тамаъ ба даври даҳонати зи ком дил бибаредам
طمع به دورِ دهانت ز کامِ دل بِبُریدم
Ба шавқ чашма навишт чаҳ қатраҳо ки фишондам
به شوق چشمهٔ نوشت چه قطرهها که فشاندم
зи лаъли бодаи фурушат чаҳ ишваҳо ки харидам
ز لَعلِ بادهفروشت چه عشوهها که خریدم
зи ғамза бар дили ришам чаҳ тирҳо ки кушодӣ
ز غمزه بر دلِ ریشم چه تیرها که گشادی
зи ғусса бар сари Кувайт чаҳ борҳо ки кашидам
ز غصه بر سرِ کویت چه بارها که کشیدم
зи кӯй ёр биор эй насими субҳи ғуборӣ
ز کویِ یار بیار ای نسیمِ صبح غباری
Ки буии хӯни дили риш аз он туроб шунидам
که بویِ خونِ دلِ ریش از آن تراب شنیدم
Гуноҳи чашми сиёҳи ту буду гардани дилхоҳ
گناهِ چشمِ سیاهِ تو بود و گردنِ دلخواه
Ки ман чу оҳӯии ваҳшии зи одамии брмидм
که من چو آهویِ وحشی ز آدمی بِرَمیدم
Чу ғунча бар серум аз кӯй ӯ гузашти насимӣ
چو غنچه بر سرم از کویِ او گذشت نسیمی
Ки парда бар дили хунин ба буи ӯ бдридм
که پرده بر دلِ خونین به بویِ او بِدَریدَم
Ба хоки пои ту савганду нури дидаи ҳофиз
به خاکِ پایِ تو سوگند و نورِ دیدهٔ حافظ
Ки бе рухи ту фурӯғ аз чароғ дида надидам
که بی رخِ تو فروغ از چراغ دیده ندیدم