Гар даст расад дар сари зулфин ту бозам
گر دست رَسَد در سرِ زُلفینِ تو بازم
Чун гӯй чаҳ сарҳо ки ба чавгони ту бозам
چون گوی چه سرها که به چوگانِ تو بازم
Зулфи ту марои умр дарозаст вале нест
زلفِ تو مرا عمر دراز است ولی نیست
Дар даст , сари мӯе аз он умри дарозам
در دست، سرِ مویی از آن عمرِ درازم
Парвона роҳат бидиҳ эй шамъ ки имшаб
پروانهٔ راحت بده ای شمع که امشب
Аз оташи дили пеши ту чун шамъи гудозам
از آتشِ دل پیش تو چون شمع گُدازم
Он дам ки ба як хандаи даҳуми ҷон чу суроҳе
آن دَم که به یک خنده دَهَم جان چو صُراحی
Мисатон ту хоҳам ки гузоранд намозам
مستانِ تو خواهم که گُزارَند نمازم
Чун нест намози ман олӯдаи намозӣ
چون نیست نمازِ منِ آلوده نمازی
Дар майкада зон кам нашавад сӯзу гудозам
در میکده زان کم نَشَوَد سوز و گُدازم
Дар масҷиду майхонаи хаёлат агар ояд
در مسجد و میخانه خیالت اگر آید
Миҳробу камончаи зи ду абрӯии ту созам
محراب و کمانچه ز دو ابرویِ تو سازم
Гар хилвати моро шабӣ аз рухи бФрўзӣ
گر خلوتِ ما را شبی از رخ بِفُروزی
Чун субҳ бар офоқи ҷаҳони сари бФрозм
چون صبح بر آفاقِ جهان سر بِفَرازم
Маҳмӯд буд оқибати кор дар ин роҳ
محمود بُوَد عاقبتِ کار در این راه
Гар сар баравад дар сари савдои Аёзам
گر سر بِرَوَد در سرِ سودایِ اَیازم
Ҳофизи ғами дил бо ки бигӯям ? ки дар ин давр
حافظ غمِ دل با که بگویم؟ که در این دور
Ҷуз ҷом нишоед ки буд муҳаррами розам
جز جام نشاید که بُوَد محرمِ رازم