Хаёл рӯй ту чун бугзарад ба гулшани чашм

خیالِ رویِ تو چون بُگذَرَد به گلشنِ چَشم

Дил аз пай назар ояд ба сӯии равзани чашм

دل از پِیِ نظر آید به سویِ روزنِ چَشم

Сазои такяи гуҳати манзарӣ наме байнам

سزایِ تکیه گَهَت مَنظَری نمی‌بینم

Манам зи олам ва ин гӯшаи муайяни чашм

منم ز عالَم و این گوشهٔ مُعَیَّنِ چَشم

Биё ки лаълу гуҳар дар нисори мақдами ту

بیا که لَعل و گُهَر در نثارِ مَقْدَمِ تو

зи ганҷи хонаи дил май кашам ба равзани чашм

ز گنج‌خانه‌‌ دل می‌کشم به روزنِ چَشم

Саҳари сиришки равонами сар харобӣ дошт

سَحَر سِرِشکِ رَوانم سرِ خرابی داشت

Гарм на хӯн ҷигар мегирифт домани чашм

گَرَم نه خونِ جگر می‌گرفت دامنِ چَشم

Нахусти рӯз ки дидам рухи ту дил ме гуфт

نخست روز که دیدم رخِ تو دل می‌گفت

Агар расад халалӣ , хӯни ман ба гардани чашм

اگر رسَد خلَلی، خونِ من به گردنِ چَشم

Ба буии муждаи васли ту то саҳар , шаби дӯш

به بویِ مژدهٔ وصلِ تو تا سَحَر، شبِ دوش

Ба роҳи боди ниҳодами чароғи равшани чашм

به راهِ باد نهادم چراغِ روشنِ چَشم

Ба мардумӣ ки дили дардманди ҳофиз ро

به مردمی که دلِ دردمندِ حافظ را

Мазан ба новаки длдўзи мардуми афкани чашм

مَزَن به ناوَکِ دلدوزِ مردم افکنِ چَشم

Хониш
ғзл шморҳ 339 — фрӣдвн фрҳ ондвз
ғзл шморҳ 339 — сҳӣл қосмӣ
ғзл шморҳ 339 — мҳмдрзо мвмн нжод
ғзл шморҳ 339 — мҳсн лӣлҳ квҳӣ
ғзл шморҳ 339 — фотмҳ зндӣ
ғзл шморҳ 339 — ъндлӣб
ғзл шморҳ 339 — оҳсон ҳлоҷ
ғзл шморҳ 339 — офср орӣо
ғзл шморҳ 339 — шопрк шӣрозӣ
ғзл шморҳ 339 — мҳмдрзококоъӣ
ғзл шморҳ 339 — нознӣн бозӣон