Дида дарё кунаму сабр ба саҳро фиканам
دیده دریا کُنَم و صبر به صحرا فِکَنَم
Вондри ин кори дили хеш ба дарё фиканам
وَاندر این کار، دلِ خویش به دریا فِکَنَم
Аз дили танг гунаҳкор барорам оҳӣ
از دلِ تنگِ گُنهکار برآرم آهی
Котши андари гунаҳи одам ва ҳавво фиканам
کآتش اندر گُنهِ آدم و حوا فکنم
Моя хўшдлӣ онҷост ки дилдор онҷост
مایهٔ خوشدلی آن جاست که دلدار آن جاست
намекунам ҷаҳд ки худро магар онҷо фиканам
میکنم جهد که خود را مگر آن جا فکنم
Бигушо банди қабо эй маи хуршеди кулоҳ
بِگُشا بندِ قَبا ای مَهِ خورشیدکلاه!
То чу зулфати сар савдо зада дар по фиканам
تا چو زلفت سَرِ سودا زده در پا فکنم
Хӯрдаам тири фалак , бода бидиҳ то сармаст
خوردهام تیرِ فلک، باده بده تا سرمست
Уқда дар банди кмртркш ҷавзо фиканам
عُقده در بندِ کَمرتَرکشِ جوزا فکنم
Ҷуръаи ҷом бар ин тахти равони афшонам
جرعهٔ جام بر این تختِ روان افشانم
Ғулғули чанг дар ин гунбад мино фиканам
غُلغُلِ چنگ در این گنبدِ مینا فکنم
ҲоФзои такя бар айём чу саҳвасту хато
حافظا! تکیه بر ایّام چو سهو است و خطا
Ман чаро ъушрати имрӯз ба фардо фиканам
من چرا عِشرتِ امروز به فردا فکنم؟