Ҳошо ки ман ба мавсими гул тарк ме кунам
حاشا که من به موسمِ گُل تَرکِ مِی کُنم
Ман лофи ақл май занам , ин кор кӣ кунам
من لافِ عقل میزنم، این کار کِی کنم
Мутриб куҷост то ҳамаи маҳсӯли зуҳду илм
مطرب کجاست تا همه محصولِ زهد و عِلم
Дар кори чангу барбату овоз не кунам
در کارِ چنگ و بَربَط و آوازِ نِی کُنَم
Аз қилу қоли мадрисаи ҳоле дилам гирифт
از قیل و قالِ مدرسه حالی دلم گرفت
Як чанд низ хизмати маъшӯқ ва ме кунам
یک چند نیز خدمتِ معشوق و مِی کنم
Кӣ буд дар замонаи вафо ? ҷом ме биор
کِی بود در زمانه وفا؟ جامِ مِی بیار
То ман ҳикояти ҷаму Ковӯс кӣ кунам
تا من حکایتِ جم و کاووسِ کِی کنم
Аз нома сиёҳ натарсам ки рӯзи ҳашар
از نامهٔ سیاه نترسم که روزِ حشر
Бо файзи лутф ӯ сад аз ин нома тай кунам
با فیضِ لطفِ او صد از این نامه طِی کنم
Кӯи пайки субҳ ? то гилаҳои шаби фироқ
کو پیک صبح؟ تا گلههای شبِ فِراق
Бо он хуҷастаи толеъи фархунда пай кунам
با آن خجسته طالعِ فرخنده پِی کنم
Ин ҷони орият ки ба ҳофизи супурди дӯст
این جانِ عاریت که به حافظ سپرد دوست
Рӯзии Рахши бубинаму таслим вай кунам
روزی رُخش ببینم و تسلیمِ وی کنم