Гарм аз даст бархезад ки бо дилдор биншинам
گَرَم از دست برخیزد که با دلدار بنشینم
зи ҷоми васл май нӯшам , зи боғи айши гули чинам
ز جامِ وصل مِی نوشم، ز باغِ عیش گل چینم
Шароби талхи сӯфии сӯз , бунёдам бихоҳад барад
شرابِ تلخِ صوفی سوز، بنیادم بخواهد برد
Лабам бар лаб нае соқӣу бустони ҷони ширинам
لبم بر لب نِه ای ساقی و بِستان جانِ شیرینم
Магар девона хоҳам шуд дар ин савдо ки шаб то рӯз
مگر دیوانه خواهم شد در این سودا که شب تا روز
Сухан бо моҳ мегӯям , парӣ дар хоб май байнам
سخن با ماه میگویم، پَری در خواب میبینم
Лабати шукр ба мисатон доду чашмат май ба михўорон
لبت شِکَّر به مستان داد و چَشمت مِی به مِیخواران
Манам каз ғояти ҳурмон на бо онам на бо инам
منم کز غایتِ حِرمان نه با آنم نه با اینم
Чу ҳар хокӣ ки бод оварад , файзии барад аз анъомат
چو هر خاکی که باد آورد، فیضی بُرد از اِنعامت
зи ҳоли бандаи ёдовар ки хдмтгори деринам
ز حالِ بنده یاد آور که خدمتگارِ دیرینم
На ҳар кӯи нақш назмӣ зад каломаш дилпазир уфтад
نه هر کو نقشِ نظمی زد کلامش دلپذیر افتد
Тзрўи турфаи ман гирам ки чолокаст шоҳинам
تَذَروِ طُرفه من گیرم که چالاک است شاهینم
Агар бовар наме дорӣ , рӯ аз суратгар чин пресс
اگر باور نمیداری، رو از صورتگرِ چین پُرس
Ки Монӣ нусха мехоҳад зи нӯки калаки мишкӣнам
که مانی نسخه میخواهد ز نوکِ کِلکِ مُشکینم
Вафодорӣу ҳақи гӯйӣ на кор ҳар касе бошад
وفاداری و حق گویی نه کارِ هر کسی باشد
Ғуломи осифи сонии ҷалол алҳақу аддӣнам
غلامِ آصفِ ثانی جلالُ الحقِ و الدینم
Румузи мастӣу риндии з ман бишинав на аз воъиз
رموزِ مستی و رندی ز من بشنو نه از واعظ
Ки бо ҷому қадаҳ ҳар дами надими моҳу парвинам
که با جام و قَدَح هر دَم ندیمِ ماه و پروینم