Хуррами он рӯз каз ин манзил вайрон биравам
خُرَّم آن روز کز این منزلِ ویران بروم
Роҳати ҷони талабам ва аз пай ҷонон биравам
راحتِ جان طلبم و از پِیِ جانان بروم
Гарчи донам ки ба ҷое набарди роҳи ғариб
گر چه دانم که به جایی نَبَرد راه غریب
Ман ба буии сари он зулф парешон биравам
من به بویِ سرِ آن زلفِ پریشان بروم
Дилам аз ваҳшати зиндон Сикандар бигирифт
دلم از وحشتِ زندانِ سِکَندَر بگِرفت
Рахт барбандам ва то малик сулаймон биравам
رخت بربندم و تا مُلکِ سلیمان بروم
Чун сабо бо тани бемору дил бе тоқат
چون صبا با تنِ بیمار و دلِ بیطاقت
Ба ҳаводории он сарв хиромон биравам
به هواداریِ آن سروِ خُرامان بروم
Дар раҳ ӯ чу қаламгар ба серум бояд рафт
در رهِ او چو قلم گر به سرم باید رفت
Бо дили захми кашу дида гирён биравам
با دلِ زخمکَش و دیدهٔ گریان بروم
Назр кардамгар аз ин ғам ба даройами рӯзӣ
نذر کردم گر از این غم به درآیم روزی
То дар майкадаи шодон ва ғазал хон биравам
تا درِ میکده شادان و غزلخوان بروم
Ба ҳаводорӣ ӯ зарраи сифат , рақси кунон
به هواداری او ذَرِّهصفت، رقصکنان
То лаби чашма ӣ хуршед дурахшон биравам
تا لبِ چشمهٔ خورشیدِ درخشان بروم
Тозёнро ғами аҳволи гарон борон нест
تازیان را غمِ احوالِ گرانباران نیست
Порсоёни мададӣ то хуш ва осон биравам
پارسایان مددی تا خوش و آسان بروم
Вар чу ҳофизи з биёбон набарам раҳи берун
ور چو حافظ ز بیابان نبرم رَه بیرون
Ҳамраҳи кавкабаи осиф даврон биравам
همرهِ کوکبهٔ آصفِ دوران بروم