Биё ки қасри амли сахт суст бунёдаст
بیا که قصرِ اَمَل سخت سستبنیادست
Биор бода ки бунёди умр бар бодаст
بیار باده که بنیادِ عمر بر بادست
Ғуломи ҳиммати онам ки зери чархи кабӯд
غلامِ همّتِ آنم که زیرِ چرخِ کبود
з ҳар чаҳ ранги таъаллуқ пазирад озодаст
ز هر چه رنگِ تعلّق پذیرد آزادست
Чаҳ гӯямат ки ба майхонаи дӯши масту хароб
چه گویمت که به میخانه دوش مست و خراب
Сурӯши олами ғайбам чаҳ мужда ҳо додаст
سروشِ عالَمِ غیبم چه مژدهها دادست
Ки эй блнднзри шоҳбоз сидра нишин
که ای بلندنظر شاهبازِ سِدرهنشین
Нишемани ту на ин кунҷ меҳнат ободаст
نشیمن تو نه این کُنجِ محنتآبادست
Туро зи конгресс арш мезананд сафир
تو را ز کنگرهٔ عرش میزنند صفیر
Надонамат ки дар ин домгаҳ чаҳ афтодаст
ندانمت که در این دامگه چه افتادست
Насиҳатӣ кунамат ёди гир ва дар амали ор
نصیحتی کنمت یاد گیر و در عمل آر
Ки ин ҳадис , зи пер тариқатам ёдаст
که این حدیث، ز پیرِ طریقتم یادست
Ғам ҷаҳон махӯру панд ман мабар аз ёд
غمِ جهان مخور و پندِ من مَبَر از یاد
Ки ин латифаи ишқами з раҳравӣ ёдаст
که این لطیفهٔ عشقم ز رهروی یادست
Ризо ба дода бидиҳ вази ҷабин гиреҳ бигушоӣ
رضا به داده بده وز جبین گره بگشای
Ки бар ман ва ту дар ихтиёри нгшодст
که بر من و تو دَرِ اختیار نگشادست
Мҷуи дурустии аҳд аз ҷаҳони сусти ниҳод
مجو درستیِ عهد از جهانِ سستنهاد
Ки ин ъҷўз , арӯси ҳзордомодст
که این عجوز، عروسِ هزاردامادست
Нишони аҳд ва вафо нест дар табассуми гул
نشان عهد و وفا نیست در تبسّمِ گل
Бинол булбул бедил ки ҷой фарёдаст
بنال بلبل بیدل که جای فریادست
Ҳасад чаҳ май барӣ эй сусти назм бар ҳофиз ?
حسد چه میبری ای سستنظم بر حافظ؟
Қабули хотиру лутф сухан худододаст
قبولِ خاطر و لطفِ سخن خدادادست