эй қабои подшоҳии рост бар болои ту
ای قبای پادشاهی راست بر بالای تو
Зинати тоҷу нигин аз гавҳари волои ту
زینتِ تاج و نگین از گوهرِ والای تو
Офтоби фатҳро ҳар дам тулӯъӣ ме диҳад
آفتاب فتح را هر دم طلوعی میدهد
Аз кулоҳи хусравии рухсори маи симои ту
از کلاهِ خسروی رخسارِ مهسیمایِ تو
Ҷилваи гоҳи тоир иқбол бошад ҳар куҷо
جلوهگاهِ طایرِ اقبال باشد هر کجا
Соя андозад эй чатри гардуни сои ту
سایه اندازد همایِ چترِ گردونسایِ تو
Аз русуми шаръу ҳикмат бо ҳазорон ихтилоф
از رسومِ شرع و حکمت با هزاران اختلاف
Нуктае ҳаргиз нашуд фӯт аз дили донои ту
نکتهای هرگز نشد فوت از دلِ دانای تو
Оби ҳайвонаши зи минқор балоғат ме чакад
آب حیوانش ز منقارِ بلاغت میچکد
Тӯтии хуши лаҳҷа яъне калаки шкрхои ту
طوطیِ خوشلهجه یعنی کلک شکّرخای تو
Гарчи хуршеди фалаки чашму чароғ олам аст
گرچه خورشیدِ فلک چشم و چراغ عالم است
Равшанои бахш чашм ӯст хоки пои ту
روشناییبخشِ چشم اوست خاک پای تو
Он чаҳ Искандар талаб карду надодаши рӯзгор
آن چه اسکندر طلب کرد و ندادش روزگار
Ҷуръае буд аз зулоли ҷоми ҷони афзои ту
جرعهای بود از زلالِ جام جانافزای تو
Арзи ҳоҷат дар ҳарими ҳазратат муҳтоҷ нест
عرضِ حاجت در حریم حضرتت محتاج نیست
Рози кас махфӣ намонад бо фурӯғи рои ту
راز کس مخفی نمانَد با فروغِ رایِ تو
Хсрўои перонаи сари ҳофиз ҷавонӣ ме кунад
خسروا پیرانهسر حافظ جوانی میکند
Бар умеди афви ҷони бахши гунаҳи Фрсои ту
بر امیدِ عفوِ جانبخشِ گنهفرسایِ تو