Соқии биё ки шуд қадаҳи лолаи пари з май
ساقی بیا که شد قدحِ لاله پر ز می
Томот то ба чанду хурофот то ба кӣ
طامات تا به چند و خرافات تا به کی؟
Бигузар зи кибру ноз ки дидаи сети рӯзгор
بگذر ز کبر و ناز که دیدهست روزگار
Чини қабои қайсару тарафи кулоҳ кӣ
چینِ قبای قیصر و طرْفِ کلاهِ کی
Ҳушёри шӯ ки мурғи чамани масти гашти ҳон
هشیار شو که مرغِ چمن مست گشت، هان
Бедори шӯ ки хоби адам дар пайаст ҳай
بیدار شو که خوابِ عدم در پی است، هی
Хуши нозукона май чамӣ эй шохи навбаҳор
خوشنازکانه میچمی ای شاخ نوبهار!
КошФтгӣ мабодат аз ошӯби боди дай
کآشفتگی مبادت از آشوبِ بادِ دی
Бар меҳри чарху шева ӯ эътимод нест
بر مِهرِ چرخ و شیوهٔ او اعتماد نیست
эй вой бар касе ки шуд эмини зи макри вай
ای وای بر کسی که شد ایمن ز مکرِ وی
Фардои шароби кавсару ҳур аз барои мост
فردا شرابِ کوثر و حور از برای ماست
Ва имрӯз низ соқии ма рӯйу ҷом май
و امروز نیز ساقیِ مهروی و جام می
Боди сабои зи аҳди сбӣ ёд ме диҳад
بادِ صبا ز عهدِ صبی یاد میدهد
Ҷони доруе ки ғами бабради дардае сбӣ
جاندارویی که غم ببرد درده ای صبی!
Ҳишмати мубину салтанати гул ки биспурад
حشمت مبین و سلطنتِ گل، که بسپرد
Фарроши бод ҳар варақашро ба зери пай
فراشِ باد هر ورقش را به زیر پی
Дарда ба ёди ҳотами таии ҷоми як манӣ
درده به یاد حاتمِ طی جام یک منی
То номаи сиёҳ бахилон кунем тай
تا نامهٔ سیاه بخیلان کنیم طی
Зон меки дод ҳасану латофат ба арғавон
زآن می که داد حُسن و لطافت به ارغوان
Берун фиканд лутфи мизоҷ аз Рахш ба хуй
بیرون فکند لطف مزاج از رخش به خوی
Маснад ба боғ бар ки ба хизмат чу бандагон
مسند به باغ بر که به خدمت چو بندگان
Устодааст сарву камар бастааст не
استاده است سرو و کمر بسته است نی
Ҳофизи ҳадиси сҳрФриб хушат расед
حافظ حدیثِ سحرفریبِ خوشت رسید
То ҳади Мисру чин ва ба атрофи рӯму рай
تا حدِ مصر و چین و به اطرافِ روم و ری