эй ки доим ба хеши мағрурӣ
ای که دایم به خویش مغروری
Гар туро ишқ нест маъзӯрӣ
گر تو را عشق نیست معذوری
Гирди девонагони ишқи магарад
گِرد دیوانگانِ عشق مگرد
Ки ба ақли Ақилаи машҳурӣ
که به عقلِ عقیله مشهوری
Мастӣ ишқ нест дар сари ту
مستیِ عشق نیست در سرِ تو
Рӯ ки ту масти оби ангурӣ
رو که تو مستِ آبِ انگوری
Рӯй зардасту оҳи дардолӯд
روی زرد است و آه دردآلود
Ошиқонро давои ранҷурӣ
عاشقان را دوایِ رنجوری
Бигузар аз ному нанги худ ҳофиз
بگذر از نام و ننگ خود حافظ
Соғар май талаб ки махмурӣ
ساغر مِی طلب که مخموری