Гул дар бар ва май дар кафу маъшӯқ ба ком аст
گُل در بَر و مِی در کَف و معشوق به کام است
Султони ҷаҳонам ба чунин рӯз ғулом аст
سلطانِ جهانم به چُنین روز، غلام است
Гӯи шамъи мёрид дар ин ҷамъ ки имшаб
گو شمع میارید در این جمع که امشب
Дар маҷлиси мо моҳи рухи дӯст тамом аст
در مجلسِ ما، ماهِ رخِ دوست، تمام است
Дар мазҳаби мо бода ҳалоласт валикин
در مذهبِ ما، باده، حلال است ولیکن
Бе рӯй ту эй сарви гули андом , ҳаром аст
بیرویِ تو ای سَروِ گُلاندام، حرام است
Гӯшами ҳама бар қавли неу нағма чанг аст
گوشم همه بر قولِ نی و نغمهٔ چنگ است
Чашмами ҳама бар лаъли лабу гардиш ҷом аст
چشمم، همه، بر لعلِ لب و گَردشِ جام است
Дар маҷлиси мо атри мёмиз ки мо ро
در مجلسِ ما، عِطر میامیز که ما را
Ҳар лаҳзаи зи гесу ӣ ту хуши буи машом аст
هر لحظه، زِ گیسویِ تو، خوشبوی مشام است
Аз чошнӣ қанд магӯ ҳеҷу зи шукр
از چاشنیِ قند مگو هیچ و زِ شِکَّر
Зон рӯ ки маро аз лаби ширини ту ком аст
زآن رو که مرا از لبِ شیرینِ تو، کام است
То ганҷи ғамат дар дили вайрона , муқӣм аст
تا گنجِ غمت در دِلِ ویرانه، مقیم است
Ҳамвора марои кӯии харобот мақом аст
همواره مرا کویِ خرابات، مقام است
Аз нанг чаҳ гӯйӣ ки марои номи з нанг аст
از ننگ چه گویی که مرا نام ز ننگ است؟
Вази ном чаҳ пурсӣ ки марои нанги з ном аст
وز نام چه پرسی که مرا ننگ ز نام است؟
Май хорау саргашта ва риндему назарбоз
مِیخواره و سرگشته و رندیم و نظرباز
Ваон кас ки чу мо нест дар ин шаҳр кадомаст ?
وآن کس که چو ما نیست در این شهر، کدام است؟
Бо мӯҳтасибам айб магӯӣед ки ӯ низ
با محتسبم، عیب مگویید که او نیز
Пайваста чу мо дар талаби айш мудом аст
پیوسته، چو ما در طلبِ عیشِ مدام است
Ҳофизи манишин бе майу маъшӯқи замонӣ
حافظ! منشین بیمِی و معشوق، زمانی
Ки айёми гулу ёсуману ид сиём аст
کایَّامِ گُل و یاسمن و عیدِ صیام است