зи дилбарам ки расонади навозиши қаламӣ
ز دلبرم که رساند نوازش قلمی
Куҷост пайки сабогар ҳаме кунад Карамӣ
کجاست پیک صبا گر همی کند کرمی؟
Қиёс кардаму тадбири ақл дар раҳи ишқ
قیاس کردم و تدبیر عقل در ره عشق
Чу шабнамӣаст ки бар баҳр мекашад рақамӣ
چو شبنمی است که بر بحر میکشد رقمی
Биё ки хирқаи ман гарчи раҳни майкада ҳост
بیا که خرقهٔ من گرچه رهن میکدههاست
зи мол вақф набинӣ ба номи ман дарме
ز مال وقف نبینی به نام من درمی
Ҳадис чун ва чаро дард сар диҳад эй дил
حدیثِ چون و چرا دردِ سر دهد ای دل
Пиёлаи гир ва биёсо зи умри хеши дамӣ
پیاله گیر و بیاسا ز عمرِ خویش دمی
Табиб роҳ нишин дард ишқ нашносад
طبیبِ راهنشین درد عشق نشناسد
Бирав ба даст кун эй мурдаи дили Масеҳи дамӣ
برو به دست کن ای مردهدل مسیحدمی
Дилам гирифт зи солусу табли зери гилӣм
دلم گرفت ز سالوس و طبل زیر گلیم
Ба он ки бар дар майхона баркашам илмӣ
به آن که بر در میخانه برکشم عَلَمی
Биё ки вақти шиносони ду кун бифурӯшанд
بیا که وقتشناسان دو کون بفروشند
Ба як пиёла май софу суҳбати санамӣ
به یک پیاله میِ صاف و صحبتِ صنمی
Давоми айшу тнъм на шева ишқ аст
دوام عیش و تنعم نه شیوهٔ عشق است
Агар муошир мое бануш неши ғамӣ
اگر معاشرِ مایی بنوش نیش غمی
намекунам гилае лек абри раҳмати дӯст
نمیکنم گلهای لیک ابر رحمت دوست
Ба куштаи зори ҷгртшнгони надод наме
به کِشتهزار جگرتشنگان نداد نمی
Чаро ба як не қандаш намехаранд он кас
چرا به یک نیِ قندش نمیخرند آن کس
Ки кард сад шкроФшонӣ аз неи қаламӣ
که کرد صد شکرافشانی از نیِ قلمی
Сазои қадари ту шоҳо ба даст ҳофиз нест
سزای قدر تو شاها به دست حافظ نیست
Ҷуз аз дуои шабӣу ниёзи субҳдамӣ
جز از دعای شبی و نیاز صبحدمی