Ду ёри зирак ва аз бодаи куҳани ду манӣ
دو یار زیرک و از بادهٔ کهن دو منی
Фароғатӣу китобӣу гӯшаи чаманӣ
فراغتی و کتابی و گوشهٔ چمنی
Ман ин мақом ба дунё ва охират надаҳум
من این مقام به دنیا و آخرت ندهم
Агар чаҳ дар пай ам уфтанд ҳар дами анҷуманӣ
اگر چه در پِیام افتند هر دم انجمنی
Ҳар он ки кунҷи қаноат ба ганҷ дунё дод
هر آن که کنج قناعت به گنج دنیا داد
Фурухт Юсуфи мисрӣ ба камтарини саманӣ
فروخت یوسف مصری به کمترین ثمنی
Биё ки равнақи ин корхона кам нашавад
بیا که رونق این کارخانه کم نشود
Ба зуҳди ҳамчуи туе ё ба фисқи ҳамчуи манӣ
به زهدِ همچو تویی، یا به فسق همچو منی
зи тундбоди ҳаводис наме тавон дидан
ز تندباد حوادث نمیتوان دیدن
Дар ин чаман ки гулӣ бӯдааст ё саманӣ
در این چمن که گلی بوده است یا سَمنی
Бибин дар оинаи ҷоми нақши бандии ғайб
ببین در آینهٔ جام، نقشبندیِ غیب
Ки кас ба ёд надорад чунин аҷаби змнӣ
که کس به یاد ندارد چنین عجب زَمنی
Аз ин сумум ки бар тараф бӯстон бигузашт
از این سَموم که بر طَرْف بوستان بگذشت
Аҷаб ки буи гулӣ ҳасту ранги Настаранӣ
عجب که بوی گلی هست و رنگ نسترنی
Ба сабр кӯш ту эй дил ки ҳақ раҳо накунад
به صبر کوش تو ای دل که حق رها نکند
Чунин азизи нигинӣ ба дасти аҳриманӣ
چنین عزیز نگینی به دست اهرمنی
Мизоҷи даҳр таба шуд дар ин балои ҳофиз
مزاجِ دَهر تَبَه شد در این بلا حافظ
Куҷост фикри ҳакимӣу рои брҳмнӣ
کجاست فکر حکیمی و رای برهمنی؟