Сӯфӣ аз партав май роз наоне донист
صوفی از پرتو مِی رازِ نهانی دانست
Гавҳар ҳар кас аз ин лаъл , туоне донист
گوهرِ هر کس از این لعل، توانی دانست
Қадари маҷмӯъаи гул , мурғ саҳар донаду бас
قدر مجموعهٔ گل، مرغِ سَحَر داند و بس
Ки на ҳар кӯ варақӣ хонд , маъонӣ донист
که نه هر کو ورقی خواند، معانی دانست
Арза кардам ду ҷаҳон бар дили корафтода
عرضه کردم دو جهان بر دلِ کاراُفتاده
Ба ҷуз аз ишқи ту боқии ҳама фонӣ донист
به جز از عشقِ تو باقی همه فانی دانست
Он шуд акнӯн ки зи абнои авоми андешам
آن شد اکنون که ز اَبنایِ عَوام اندیشم
Мӯҳтасиб низ дар ин айш наоне донист
مُحتَسِب نیز در این عیشِ نهانی دانست
Дил бар , осоиши мо маслиҳат вақт надид
دلبر، آسایش ما مَصلحتِ وقت ندید
Вар на аз ҷониби мо дил нигаронӣ донист
ور نه از جانبِ ما دلنگرانی دانست
Сангу гулро кунад аз Ямани назари лаълу ақиқ
سنگ و گِل را کُنَد از یُمنِ نظر لعل و عقیق
Ҳар ки қадари нафаси бод ямонӣ донист
هر که قَدرِ نفسِ بادِ یمانی دانست
эй ки аз дафтари ақл , ояти ишқи омӯзӣ
ای که از دفترِ عقل، آیت عشق آموزی
Тарсами ин нукта ба таҳқиқ ндонӣ донист
ترسم این نکته به تَحقیق ندانی دانست
намебиовар ки ннозд ба гули боғи ҷаҳон
مِی بیاور که ننازد به گلِ باغِ جهان
Ҳар ки ғоратгарӣ бод хазоне донист
هر که غارتگریِ بادِ خزانی دانست
Ҳофизи ин гавҳари манзум ки аз табъ ангехт
حافظ این گوهرِ مَنظوم که از طَبع اَنگیخت
зи асари тарбияти осиф сонӣ донист
زَ اثرِ تربیتِ آصِفِ ثانی دانست