Дорам умеди ъотФтӣ аз ҷаноби дӯст
دارم امید عاطفتی از جناب دوست
Кардам ҷиноятӣу умедам ба афв ӯст
کردم جنایتی و امیدم به عفو اوست
Донам ки бугзарад зи сари ҷурми ман ки ӯ
دانم که بُگذرد ز سرِ جرمِ من که او
Гарчи паривашаст валикин фиришта хуаст
گر چه پریوش است ولیکن فرشتهخوست
Чандон гиристем ки ҳар кас ки бргзшт
چندان گریستیم که هر کس که برگذشت
Дар ашки мо чу дид равон гуфт ки ин чаҳ ҷӯаст ?
در اشکِ ما چو دید روان گفت «کاین چه جوست؟»
Ҳеҷаст он даҳон ва набинам аз ӯ нишон
هیچ است آن دهان و نبینم از او نشان
Мӯӣаст он миён ва надонам ки он чаҳ мӯаст
موی است آن میان و ندانم که آن چه موست
Дорам аҷаби зи нақши хаёлаш ки чун нарафт
دارم عجب ز نقشِ خیالش که چون نرفت
Аз дидаам ки дам ба дамаши кори шаст ва шӯаст
از دیدهام که دَم به دَمش کار شُست و شوست
Бегуфту гӯии зулфи ту дилро ҳаме кашад
بی گفت و گوی زلفِ تو دل را همی کُشد
Бо зулфи дилкаши ту киро рӯй гуфт ва гӯаст ?
با زلف دلکَش تو که را روی گفت و گوست؟
Умрӣаст то зи зулфи ту бӯе шунида ам
عمریست تا ز زلفِ تو بویی شنیدهام
Зон буи дар машоми дили ман ҳануз бӯаст
زان بوی در مشامِ دلِ من هنوز بوست
Ҳофиз бадаст ҳоли парешони ту , вале
حافظ بد است حالِ پریشانِ تو، ولی
Бар буии зулфи ёр парешонят накӯаст
بر بویِ زلفِ یار پریشانیَت نکوست