Дидӣ ки ёр , ҷузи сари ҷавр ва ситам надошт
دیدی که یار، جُز سَرِ جور و سِتَم نَداشت
Бишикаст аҳд , вази ғами мо ҳеҷ ғам надошт
بِشْکَسْت عَهْد، وَز غَمِ ما، هیچ غَم نَداشت
ё раби мгирш ар чаҳ дил чун кабӯтарам
یا رَب مَگیرَش اَرْچِه دِلِ چون کَبوتَرَم
Афканду кишту иззати сайд ҳарам надошт
اَفْکَنْد و کُشْت و عِزَّتِ صِیْدِ حَرَم نَداشت
Бар ман ҷафои зи бахт ман омад вагарнаи ёр
بَر مَن، جَفا زِ بَخْتِ مَن آمَد وَگَرنَه یار
Ҳошо ки расми лутфу тариқ карам надошт
حاشا که رَسْمِ لُطْف و طَریقِ کَرَم نَداشت
Бо ин ҳама ҳар он ки на хорӣ кашид аз ӯ
با این هَمِه، هَر آنکه نَه خواری کَشید اَز او
Ҳар ҷо ки рафт , ҳеҷ касаш муҳтарам надошт
هَر جا که رَفْت، هیچ کَسَش مُحْتَرَم نَداشت
Соқӣ биор бода ва бо мӯҳтасиб бигӯ
ساقی بیار بادِه و با مُحْتَسِب بِگو
Инкор мо макун ки чунин ҷом , ҷам надошт
اِنْکارِ ما مَکُن که چُنین جام، جَم نَداشت
Ҳар роҳрав ки раҳ ба ҳарим дараш набард
هَر راهرو که رَه به حَریمِ دَرَش نَبُرْد
Мискин бурид водӣу раҳ дар ҳарам надошт
مِسْکین بُرید وادی و رَه دَر حَرَم نَداشت
Ҳофизи бабри ту гӯии фасоҳат ки муддаӣ
«حافظ»! بِبَر تو گویِ فِصاحَت که مُدَّعی
Ҳеҷаш ҳунар набӯду хабар низ ҳам надошт
هیچش هُنَر نَبود و خَبَر نیز هَم نَداشت