Кунун ки май дамад аз бӯстони насими биҳишт
کنون که میدمد از بوستان، نسیمِ بهشت
Ману шароби фараҳи бахшу ёри ҳўрсршт
من و شرابِ فرحبخش و یارِ حورسرشت
Гадо чаро назанад лофи салтанати имрӯз ?
گدا چرا نزند لافِ سلطنت امروز؟
Ки хаймаи соя абрасту бзмгаҳи лаби кишт
که خیمه، سایهٔ ابر است و بزمگه، لبِ کِشت
Чамани ҳикоят Урдӣбиҳишт ме гуяд
چمن حکایتِ اردیبهشت میگوید
На оқиласт ки насяи хариду нақди биҳишт
نه عاقل است که نسیه خرید و نقد بِهِشت
Ба май иморат дил кун ки ин ҷаҳони хароб
به می عمارتِ دل کن که این جهانِ خراب
Бар он сараст ки аз хок мо бисозад хишт
بر آن سر است که از خاکِ ما بسازد خشت
Вафои мҷўии зи душман ки пуртӯии надиҳад
وفا مجوی ز دشمن که پرتوی ندهد
Чу шамъи савмиъаи афрӯзӣ аз чароғи кунишат
چو شمع صومعه افروزی از چراغِ کنشت
Макун ба номаи сиёҳии маломати ман маст
مَکُن به نامه سیاهی ملامتِ منِ مست
Ки огаҳаст ки тақдир бар сараш чаҳ навишт ?
که آگه است که تقدیر بر سرش چه نوشت
Қадами дареғи мадор аз ҷинозаи ҳофиз
قدم دریغ مدار از جنازهٔ حافظ
Ки гарчи ғарқ гуноҳ аст меравад ба биҳишт
که گر چه غرقِ گناه است، میرود به بهشت