Ҳасанат ба иттифоқи малоҳат ҷаҳон гирифт ;
حُسنت به اتفاقِ ملاحت جهان گرفت
Оре , ба иттифоқ , ҷаҳон метавон гирифт
آری، به اتفاق، جهان میتوان گرفت
Ифшои рози хилватён хост кард шамъ ,
افشایِ رازِ خلوتیان خواست کرد شمع
Шукри худо , ки сари дилаш дар забон гирифт
شُکرِ خدا، که سِرِ دلش در زبان گرفت
Зини оташи наҳуфта ки дар сина ӣ манаст ,
زین آتشِ نهفته که در سینهٔ من است
Хуршед , шуълае сет ки дар осмон гирифт
خورشید، شعلهایست که در آسمان گرفت
Май хости гул ки дам занад аз рангу буии дӯст ,
میخواست گُل که دَم زند از رنگ و بویِ دوست
Аз ғайрати сабои нафасаш дар даҳон гирифт
از غیرتِ صبا، نفسَش در دهان گرفت
Осӯда бар канор чу паргор ме шудам
آسوده بر کنار چُو پرگار میشدم
Даврон , чу нуқта , оқибатам дар миён гирифт
دوران، چو نقطه، عاقبتم در میان گرفت
Он рӯзи шавқи соғар мехирманам бсухт ,
آن روز شوقِ ساغرِ مِی، خرمنم بسوخت
Котши зи акси оризи соқӣ дар он гирифт
کآتش زِ عکسِ عارضِ ساقی در آن گرفت
Хоҳам шудан ба кӯии Муғон остин фишон ,
خواهم شدن به کویِ مُغان آستینفشان
Зини фитнаҳо ки доман охрзмон гирифт
زین فتنهها که دامنِ آخرزمان گرفت
Май хур ки ҳар ки охири кор ҷаҳон бидид ,
مِی خور که هر که آخرِ کارِ جهان بِدید
Аз ғами сабки баромаду ратл гарон гирифт
از غم سبک برآمد و رَطلِ گران گرفت
Бар барги гул ба хӯни шақоӣқ навиштаанд ;
بر برگِ گُل به خونِ شقایق نوشتهاند
ки он кас ки пухта шуд , май чун арғавон гирифт
«کآن کس که پخته شد، مِیِ چون اَرغَوان گرفت»
Ҳофиз чу оби лутфи зи назм ту мечакад ,
حافظ چو آبِ لطف ز نظمِ تو میچِکد
Ҳосид чигуна нукта тавонад бар он гирифт ?
حاسِد چگونه نکته تواند بر آن گرفت؟