эй ғоиб аз назар ба худо май спормт
ای غایب از نظر به خدا میسپارمت
Ҷонам бсухтӣ ва ба дил дӯст дорамат
جانم بسوختی و به دل دوست دارمت
То домани кафани нкшми зери пои хок
تا دامنِ کفن نکشم زیرِ پایِ خاک
Бовар макун ки дасти з доман бидорамат
باور مکن که دست ز دامن بدارمت
Миҳроб абрӯят бинмо то саҳаргаҳӣ
محرابِ ابرویت بنما تا سحرگهی
Даст дуо барорам ва дар гардани ормат
دستِ دعا برآرم و در گردن آرمت
Гар боядам шудани сӯии Њорути бобулӣ
گر بایدم شدن سویِ هاروتِ بابلی
Сад гӯнаи ҷодуии бикунам то бёрмт
صد گونه جادویی بکنم تا بیارمت
Хоҳам ки пеши мирмт эй бе вафои табиб
خواهم که پیش میرمت ای بیوفا طبیب
Бемор боз пресс ки дар антзормт
بیمار باز پرس که در انتظارمت
Сад ҷӯии об бастаам аз дида бар канор
صد جوی آب بستهام از دیده بر کنار
Бар буии тухми меҳр ки дар дили бкормт
بر بویِ تخمِ مِهر که در دل بکارمت
Хӯнам бирехт вази ғами ишқам халос дод
خونم بریخت وز غمِ عشقم خلاص داد
Миннатпазир ғамзаи ханҷари гузорамат
مِنّت پذیرِ غمزهٔ خنجر گذارمت
намегарему муродам аз ин сайли ашки бор
میگریم و مرادم از این سیلِ اشکبار
Тухм муҳаббатаст ки дар дили бкормт
تخمِ محبّت است که در دل بکارمت
БоРоми даҳ аз карами сӯии худ то ба сӯзи дил
بارم ده از کرم سویِ خود تا به سوزِ دل
Дар пои дам ба дами гуҳар аз дидаи бормт
در پای دمبهدم گهر از دیده بارمت
Ҳофизи шаробу шоҳиду риндӣ на вазъ туаст
حافظ شراب و شاهد و رندی نه وضعِ توست
Фӣ алҷмлаҳ мекунӣу фурӯ май гузорамат
فِیالجمله میکنی و فرو میگذارمت