Шер гуфташ ту зи асбоби мараз
شیر گفتش تو ز اسباب مرض
Ин сабаби гӯи хоси коинстми ғараз
این سبب گو خاصْ کاینستم غرض
Гуфт он шери андарин чаҳ сокинаст
گفت آن شیر اندرین چَه ساکنست
Андарин қалъаи зи офоти омнст
اندرین قلعه ز آفات آمنست
Қаър чаҳ багазед ҳар ки оқиласт
قعر چَه بگزید هر که عاقلست
Зонк дар хилват сафоҳои диласт
زانک در خلوت صفاهای دلست
Зулмат чаҳ ба ки зулматҳои халқ
ظلمتِ چَه بِه که ظلمتهای خلق
Сари набарди онкас ки гирад пои халқ
سَر نبُرد آنکس که گیرد پای خلق
Гуфт пеши ои захмам ӯро қоҳираст
گفت پیش آ زخمم او را قاهرست
Ту бибин кони шер дар чаҳ ҳозираст
تو ببین کان شیر در چَه حاضرست
Гуфт ман сўзидаҳам зон оташӣ
گفت من سوزیدهام زان آتشی
Ту магари андар бар хешами кашӣ
تو مگر اندر بَرِ خویشم کشی
То ба пушти ту ман эй кони карам
تا به پُشت تو من ای کانِ کرم
Чашм бигушоем бача дар бингарам
چشم بگشایم بِچَه دَر بنگرم