Саги зимистон ҷамъ гардад устихонаш
سَگ، زمستان جَمعْ گردَد، اُسْتُخوانْشْ.
Захми сармо хирад гирданд чунонаш
زَخمِ سَرما خُرد گردانَد چُنانْشْ.
Кӯ бигӯед кини қадари тан ки манам
کو بگویَد، کین قَدَرْ تَن—کِه مَّنَم—
Хонае аз санг бояд карданам
خانهایَّ ازْ سَنگ، بایَد کـَردَنم!
Чунк тобистон бияёд ман бчнг
چونْک تابستان بیایَد، مَن بِچَنگ
Баҳри сармои хонае созами зи санг
بَهرِ سَرما خانهای سازَم زِ سَنگ.
Чунк тобистон бияёд аз кушод
چونْک تابستان بیاید، از گُشاد،
Устихонҳо паҳн гардад пӯсти шод
اُستُخوانها پَهن گردَد؛ پوست، شاد.
Гуяд ӯ чун зафт бинад хеш ро
گویَد او، چون زَفت بینَد خویش را:
Дар кадомин хонаи ганҷам эй киё
«دَر کُدامین خانه گُـنجَم، اِی کیا؟».
Зафт гардад по кашад дар соя Эй
زَفت گردَد. پا کِشَد دَر سایهای.
Коҳилии сирии ғурии хўдроиаҳ Эй
کاهِلی، سیری، غَری، خودرایهای،
Гуядаш дили хонае соз эй амӯ
گویَدَش: «دِل خانهای ساز اِی عَمو!».
Гуяд ӯ дар хона кӣ ганҷам бигӯ
گوید او: «در خانه کِی گُنجَم؟ بِگو!
Устихони ҳирси ту дар вақти дард
اُستُخوانِ حرصِ تو، دَر وقتِ دَرد،
Дарҳам ояд хирад гардад дар навард
دَرهَم آیَد خُرد گردَد، دَر نَوَرد.
Гӯйӣ аз тавба бисозам хона Эй
گویی اَز توبه بِسازَم خانهای،
Дар зимистон бошудамастона Эй
دَر زِمستان باشُدَم اِستانهای،
Чун бишуд дарду шиддати он ҳирси зафт
چون بِشُد دَرد وُ شُدَت آن حِرص، زَفت،
Ҳамчуи саги савдои хона аз ту рафт
هَمچو سَگ، سودایِ خانه از تو رَفت.
Шукри неъмати хуштар аз неъмат буд
شُکرِ نِعمت، خوشتَر از نِعمت بُوَد.
Шкрбораҳ кӣ сӯй неъмат равад
شُکرباره کِی سوی نِعمت رَوَد؟
Шукри ҷони неъмату неъмат чу пӯст
شُکْر، جانِ نِعمت و نِعمت چو پوست؛
зи онки шукри оради туро то кӯии дӯст
زآنْک شُکر آرد تُرا تا کویِ دوست.
Неъмати оради ғифлату шукри антбоаҳ
نعمت آرَد غفلَت و شُکر اِنتِباه.
Сайд неъмат кун бдоми шукри шоҳ
صیدِ نعمت کُن بِدامِ شُکر، شاه.
Неъмат шукрат кунад пурчашму мейр
نعمتِ شُکرت کُنَد پُر چَشم و میر؛
То кунӣ сад неъмати эсори фақир
تا کُنی صَد نعمت ایثارِ فَقیر.
Сайри нӯшӣ аз таому нақли ҳақ
سیر نوشی اَز طَعام و نُقلِ حَق؛
То равад аз ту шиками хорӣу диқ
تا رَوَد از تو شِکَمخواری و دَق.».