Онк гӯйанд авлиё дар ки буванд
آنک گویند اولیا در کُه بُوَند
То зи чашми мардумон пинҳон шаванд
تا ز چشم مردمان پنهان شوند
Пеши халқи эшон фарози сад ки анд
پیش خلق ایشان فرازِ صد کُهاند
Гоми худ бар чарх ҳафтум ме ниҳанд
گام خود بر چرخ هفتم مینهند
Пас чаро пинҳон шавад , ки ҷӯ буд
پس چرا پنهان شود، کُهجو بوَد
Кӯи зи сад дарё ва ки зон сӯ буд
کو ز صد دریا و کُه زان سو بوَد
Ҳоҷаташ набӯд ба сӯй ки гурехт
حاجتش نبود به سوی کُه گریخت
Каз пеши караи фалаки сад наъли рехт
کز پیش کرّهٔ فلک صد نعل ریخت
Чарх гардид ва надид ӯ гирди ҷон
چرخ گردید و ندید او گَردِ جان
Таъзият ҷома бапушед осмон
تعزیتجامه بپوشید آسمان
Гар ба зоҳири он парии пинҳон буд
گر به ظاهر آن پری پنهان بوَد
Одамии пинҳонтар аз париён буд
آدمی پنهانتر از پریان بوَد
Назд оқил зон парӣ ки мзмрст
نزد عاقل زان پری که مُضمرست
Одамии сад бори худ пинҳон тараст
آدمی صد بار خود پنهانترست
Одамии наздики оқил чун хФист
آدمی نزدیک عاقل چون خفیست
Чун буд одам ки дар ғайб ӯ сафӣаст
چون بود آدم که در غیب او صفیست