Саҷда карданд ва бигуфтанд эй Карим
سجده کردند و بگفتند ای کریم
Даври бодо аз ту ранҷурӣу бим
دور بادا از تو رنجوری و بیم
Пас буруни ҷустанди сӯии хона ҳо
پس برون جستند سوی خانهها
Ҳамчуи мурғон дар ҳавои дона ҳо
همچو مرغان در هوای دانهها
Модаронишони хашмгини гаштанд ва гуфт
مادرانشان خشمگین گشتند و گفت
Рӯзи китоб ва шумо бо лаҳви ҷуфт
روز کتاب و شما با لهو جفت
Узр овараданд к-эии модари ту бист
عذر آوردند کای مادر تو بیست
Ин гуноҳ аз мо ва аз тақсир нест
این گناه از ما و از تقصیر نیست
Аз қазои осмони устоди мо
از قضای آسمان استاد ما
Гашти ранҷуру сқиму мубтало
گشت رنجور و سقیم و مبتلا
Модарон гуфтанд макрасту дурӯғ
مادران گفتند مکرست و دروغ
Сад дурӯғ оред баҳри тамаъи дуғ
صد دروغ آرید بهر طمع دوغ
Мо сабоҳ ойем пеши Авесто
ما صباح آییم پیش اوستا
То бубинеми асли ин макри шумо
تا ببینیم اصل این مکر شما
Кӯдакон гуфтанд бисмии аллоҳи равед
کودکان گفتند بسم الله روید
Бар дурӯғу сидқи мо воқиф шавед
بر دروغ و صدق ما واقف شوید