Ман шунидам ки дар омад қибтӣӣ
من شنیدم که در آمد قبطیی
Аз аташи андари всоқи сибте
از عطش اندر وثاق سبطیی
Гуфт ҳастам ёру хешованди ту
گفت هستم یار و خویشاوند تو
Гаштаам имрӯзи ҳоҷатманди ту
گشتهام امروز حاجتمند تو
Зонк Мӯсо ҷодӯӣ карду фусун
زانک موسی جادوی کرد و فسون
То ки оби нили моро кард хӯн
تا که آب نیل ما را کرد خون
Сибтён зу об софӣ ме хуранд
سبطیان زو آب صافی میخورند
Пеши қибтӣ хӯн шуд об аз чашми банд
پیش قبطی خون شد آب از چشمبند
Қбт инак май Маранд аз тишнагӣ
قبط اینک میمرند از تشنگی
Аз паии идбори худ ё бдргӣ
از پی ادبار خود یا بدرگی
Баҳри худ як тосро пар об кун
بهر خود یک طاس را پر آب کن
То хӯрд аз обати ин ёри куҳан
تا خورد از آبت این یار کهن
Чун барои худ кунӣ он тоси пар
چون برای خود کنی آن طاس پر
Хӯн набошад об бошад поку ҳур
خون نباشد آب باشد پاک و حر
Ман туфайл ту банушам оби ҳам
من طفیل تو بنوشم آب هم
Ки туфайлӣ дар табаъ биҷаҳад зи ғам
که طفیلی در تبع بِجهَد ز غم
Гуфт эй ҷону ҷаҳон хизмат кунам
گفت ای جان و جهان خدمت کنم
Пос дорам эй ду чашми равшанам
پاس دارم ای دو چشم روشنم
Бар муроди ту рӯм шодӣ кунам
بر مراد تو روم شادی کنم
Банда ту бошам озодӣ кунам
بندهٔ تو باشم آزادی کنم
Тосро аз нил ӯ пар об кард
طاس را از نیل او پر آب کرد
Бар даҳон биниҳод ва нимиро бихӯрад
بر دهان بنهاد و نیمی را بخورد
Тосро каж кард сӯии оби хоҳ
طاس را کژ کرد سوی آبخواه
Ки бихӯр ту ҳам шуд он хӯни сиёҳ
که بخور تو هم شد آن خون سیاه
Бози азин сӯ кард кажи хӯн об шуд
باز ازین سو کرد کژ خون آب شد
Қибтии андари хашму андар тоб шуд
قبطی اندر خشم و اندر تاب شد
Соъатӣ бинишаст то хашмаш бирафт
ساعتی بنشست تا خشمش برفت
Баъд аз он гуфташ к-эии самсоми зафт
بعد از آن گفتش کای صمصام زفت
эй бародари ин гиреҳро чора чист
ای برادر این گره را چاره چیست
Гуфт инро ӯ хӯрд кӯ муттақеаст
گفت این را او خورد کو متقیست
Муттақе онаст кӯ безор шуд
متقی آنست کو بیزار شد
Аз раҳи фиръавну Мӯсо вор шуд
از ره فرعون و موسیوار شد
Қавми Мӯсо шӯ бихӯр ин об ро
قوم موسی شو بخور این آب را
Сулҳ кун бо ма бибин маҳтоб ро
صلح کن با مه ببین مهتاب را
Садҳазорон зулматаст аз хашми ту
صدهزاران ظلمتست از خشم تو
Бар ибодуллоҳи андари чашми ту
بر عبادالله اندر چشم تو
Хашм бинишон чашм бигушо шоди шӯ
خشم بنشان چشم بگشا شاد شو
Ибрат аз ёрон бигир устоди шӯ
عبرت از یاران بگیر استاد شو
Кӣ туфайли ман шӯй дар ағтроФ
کی طفیل من شوی در اغتراف
Чун турои кФристи ҳам чун кӯҳи қоф
چون ترا کفریست همچون کوه قاف
Кӯҳ дар сӯрохи сӯзан кӣ равад
کوه در سوراخ سوزن کی رود
Ҷузи магар ки он ришта якто шавад
جز مگر کآن رشتهٔ یکتا شود
Кӯҳро ки кун ба истиғфору хуш
کوه را که کن به استغفار و خوش
Ҷом мғФўрон бигир ва хуш бикаш
جام مغفوران بگیر و خوش بکش
Ту бад-ӣни тазвир чун нӯшӣ аз он
تو بدین تزویر چون نوشی از آن
Чун ҳаромаш кард ҳақ бар кофарон
چون حرامش کرد حق بر کافران
Холиқи тазвири тазвири туро
خالق تزویر تزویر ترا
Кӣ хирад эй мФтрии мФтро
کی خرد ای مفتری مفترا
Оли Мӯсои шӯ ки ҳиялат суд нест
آل موسی شو که حیلت سود نیست
Ҳилаи ?ути боди тиҳии пимўднист
حیلهات باد تهی پیمودنیست
Зуҳра дорад об каз амри самад
زهره دارد آب کز امر صمد
Гардад ӯ бо кофарон обӣ кунад
گردد او با کافران آبی کند
ё ту пиндорӣ ки ту нон май хурӣ
یا تو پنداری که تو نان میخوری
Заҳри мору коҳиши ҷон май хурӣ
زهر مار و کاهش جان میخوری
Нони куҷои ислоҳи он ҷонӣ кунад
نان کجا اصلاح آن جانی کند
Кӯи дил аз фармони ҷонон бар кунад
کو دل از فرمان جانان بر کند
ё ту пиндорӣ ки ҳарфи маснавӣ
یا تو پنداری که حرف مثنوی
Чун бихонӣ ройгонаш бишинавӣ
چون بخوانی رایگانش بشنوی
ё каломи ҳикмату сари ниҳон
یا کلام حکمت و سر نهان
Андар ояд зғбаҳ дар гӯшу даҳон
اندر آید زغبه در گوش و دهان
Андар ояд лек чун афсона ҳо
اندر آید لیک چون افسانهها
Пӯст бинмоед на мағзи дона ҳо
پوست بنماید نه مغز دانهها
Дар сару рӯ дар кашида чодар
در سر و رو در کشیده چادری
Рӯ ниҳон карда зи чашмати дилбарӣ
رو نهان کرده ز چشمت دلبری
Шоҳи нома ё Калилаи пеши ту
شاهنامه یا کلیله پیش تو
Ҳам чунон бошад ки қуръон аз ътў
همچنان باشد که قرآن از عتو
Фарқ онгаҳ бошад аз ҳақу муҷоз
فرق آنگه باشد از حق و مجاز
Ки кунад кӯҳли анояти чашми боз
که کند کحل عنایت چشم باز
Варна пшку машки пеши ахшмӣ
ورنه پشک و مشک پیش اخشمی
Ҳар ду яксонаст чун набӯд шмӣ
هر دو یکسانست چون نبود شمی
Хештани машғӯл кардан аз малол
خویشتن مشغول کردن از ملال
Бошадаш қасд аз каломи зулҷалол
باشدش قصد از کلام ذوالجلال
Коташи васвосроу ғусса ро
کاتش وسواس را و غصه را
Зон сухан бинишонад ва созад даво
زان سخن بنشاند و سازد دوا
Баҳри ин миқдори оташи шондн
بهر این مقدار آتش شاندن
Оби поку бўл яксон шуд ба фан
آب پاک و بول یکسان شد به فن
Оташи васвосро ин бўлу об
آتش وسواس را این بول و آب
Ҳар ду бинишонанд ҳам чун вақти хоб
هر دو بنشانند همچون وقت خواب
Лекгар воқифи шӯии зини оби пок
لیک گر واقف شوی زین آب پاک
Ки калом эзадасту рўҳнок
که کلام ایزدست و روحناک
Нест гардад васвасаи куллӣ зи ҷон
نیست گردد وسوسه کلی ز جان
Дил биёбад раҳ ба сӯии гулистон
دل بیابد ره به سوی گلستان
Зонк дар боғӣ ва дар ҷӯии пурд
زانک در باغی و در جویی پرد
Ҳар ки аз сари суҳуфи бӯеи барад
هر که از سر صحف بویی برد
ё ту пиндорӣ ки рӯй авлиё
یا تو پنداری که روی اولیا
Ончунон ки ҳаст мебайнем мо
آنچنان که هست میبینیم ما
Дар таъаҷҷуби мондаи пайғомбар аз он
در تعجب مانده پیغامبر از آن
Чун намебенанд рӯем муъминон
چون نمیبینند رویم مؤمنان
Чун наме бенанди нури рӯми халқ
چون نمیبینند نور روم خلق
Ки сабақ барадаст бар хуршеди шарқ
که سبق بردست بر خورشید شرق
Вари ҳамеи бенанди ин ҳайрат чарост
ور همیبینند این حیرت چراست
То ки ваҳй омад ки он рӯ дар хафост
تا که وحی آمد که آن رو در خفاست
Сӯй ту моҳасту сӯии халқи абр
سوی تو ماهست و سوی خلق ابر
То набинад ройгон рӯй ту габр
تا نبیند رایگان روی تو گبر
Сӯии ту донаи сету сӯии халқи дом
سوی تو دانهست و سوی خلق دام
То нанӯшад зини шароби хоси ом
تا ننوشد زین شراب خاص عام
Гуфт яздон ки троҳми инзрўн
گفت یزدان که تراهم ینظرون
Нақш ҳаммоманд ҳам лои ибсрўн
نقش حمامند هم لا یبصرون
Май намояди сӯрат эй сӯрати параст
مینماید صورت ای صورتپرست
Ки он ду чашми мурда ӯ нозираст
که آن دو چشم مردهٔ او ناظرست
Пеши чашми нақш май ореи адаб
پیش چشم نقش میآری ادب
Кӯ чаро посам намедорад аҷаб
کو چرا پاسم نمیدارد عجب
Аз чаҳ пас бе посухаст ин нақши нек
از چه پس بیپاسخست این نقش نیک
Ки намегуяд саломамро алейк
که نمیگوید سلامم را علیک
наменаҷунбанд сару сблти зи ҷӯад
مینجنباند سر و سبلت ز جود
Пос онк кардамаш ман сад суҷуд
پاس آنک کردمش من صد سجود
Ҳақ агар чаҳ сар наҷунбанд бурун
حق اگر چه سر نجنباند برون
Поси он завқӣ диҳад дар андарун
پاس آن ذوقی دهد در اندرون
Ки ду сад ҷунбидани сари арзади он
که دو صد جنبیدن سر ارزد آن
Сар чунин ҷанбанд охири ақлу ҷон
سر چنین جنباند آخر عقل و جان
Ақлро хизмат кунӣ дар иҷтиҳод
عقل را خدمت کنی در اجتهاد
Пос ақл онаст ки афзоед ршод
پاس عقل آنست که افزاید رشاد
Ҳақ наҷунбанд ба зоҳири сари туро
حق نجنباند به ظاهر سر ترا
Лек созад бар сарони сарвари туро
لیک سازد بر سران سرور ترا
Мари туро чизе диҳад яздони ниҳон
مر ترا چیزی دهد یزدان نهان
Ки суҷуд ту кунанд аҳли ҷаҳон
که سجود تو کنند اهل جهان
Ончунон ки дод сангиро ҳунар
آنچنان که داد سنگی را هنر
То азиз халқ шуд яъне ки зар
تا عزیز خلق شد یعنی که زر
Қатра обӣ биёбад лутфи ҳақ
قطرهٔ آبی بیابد لطف حق
Гавҳарӣ гардад барад аз зари сабақ
گوهری گردد برد از زر سبق
Ҷисм хокаст ва чу ҳақ тобяш дод
جسم خاکست و چو حق تابیش داد
Дар ҷаҳонгирӣ чу ма шуд Авестоад
در جهانگیری چو مه شد اوستاد
Ҳин тилисмаст ину нақш мурда аст
هین طلسمست این و نقش مرده است
Аҳмақонро чашмаш аз раҳ барда аст
احمقان را چشمش از ره برده است
Май намояд ӯ ки чашмӣ ме занад
مینماید او که چشمی میزند
Аблаҳон созидаҳанд ӯро санад
ابلهان سازیدهاند او را سند