Дар нғўлӣ буд оби он ташна ронад
در نغولی بود آب آن تشنه راند
Бар дарахти ҷўз ҷўзӣ ме фишонд
بر درخت جوز جوزی میفشاند
намефитод аз ҷўзбни ҷўзи андари об
میفتاد از جوزبن جوز اندر آب
Бонг меомад ҳаме дид ӯ ҳубоб
بانگ میآمد همی دید او حباب
Оқилӣ гуфташ ки бигзор эй Фтӣ
عاقلی گفتش که بگذار ای فتی
Ҷўзҳои худ тишнагии оради туро
جوزها خود تشنگی آرد ترا
Бештар дар об меуфтад самар
بیشتر در آب میافتد ثمر
Об дар пастӣаст аз ту давр дар
آب در پستیست از تو دور در
То ту аз болои фурӯи ое ба зӯр
تا تو از بالا فرو آیی به زور
Оби ҷӯяш барда бошад то ба давр
آب جویش برده باشد تا به دور
Гуфт қасдами зин фишондан ҷўз нест
گفت قصدم زین فشاندن جوز نیست
Тезтар бингар барин зоҳири маи ист
تیزتر بنگر برین ظاهر مهایست
Қасд ман онаст ки ояд бонги об
قصد من آنست که آید بانگ آب
Ҳам бубинам бар сари оби ин ҳубоб
هم ببینم بر سر آب این حباب
Ташнаро худ шуғл чаҳ буд дар ҷаҳон
تشنه را خود شغل چه بود در جهان
Гирди пои ҳавзи гаштани ҷовдон
گرد پای حوض گشتن جاودان
Гирди ҷӯу гирди обу бонги об
گرد جو و گرد آب و بانگ آب
Ҳам чу ҳоҷии тоиФи каъбаи савоб
همچو حاجی طایف کعبهٔ صواب
Ҳам чунон мақсӯди ман зини маснавӣ
همچنان مقصود من زین مثنوی
эй зиё алҳақ ҳисоми аддӣни тӯй
ای ضیاء الحق حسامالدین توی
Маснавии андари фурӯъ ва дар усӯл
مثنوی اندر فروع و در اصول
Ҷумлаи он тести крдстии қабул
جمله آن تست کردستی قبول
Дар қабули оранди шоҳони неку бад
در قبول آرند شاهان نیک و بد
Чун қабул оранд набӯд беш рад
چون قبول آرند نبود بیش رد
Чун ниҳолӣ коштӣ обаш бидиҳ
چون نهالی کاشتی آبش بده
Чун кушодаш дода Эй бигушо гиреҳ
چون گشادش دادهای بگشا گره
Қасдам аз алфоз ӯ роз туаст
قصدم از الفاظ او راز توست
Қасдам аз иншояш овоз туаст
قصدم از انشایش آواز توست
Пеши ман овозат овоз худост
پیش من آوازت آواز خداست
Ошиқ аз маъшӯқи ҳошо ки ҷудост
عاشق از معشوق حاشا که جداست
Иттисолӣ беткиФ бе қиёс
اتصالی بیتکیف بیقیاس
Ҳаст раби анносро бо ҷони нос
هست ربالناس را با جان ناس
Лек гуфтам носи ман нсноси не
لیک گفتم ناس من نسناس نی
Носи ғайри ҷони ҷони ашноси не
ناس غیر جان جاناشناس نی
Нос мардум бошаду кӯи мардумӣ
ناس مردم باشد و کو مردمی
Ту сари мардуми ндидстии дамӣ
تو سر مردم ندیدستی دمی
Мо Ромяти ази Ромяти хонда Эй
ما رمیت اذ رمیت خواندهای
Лек ҷисмӣ дар тҷзии монда Эй
لیک جسمی در تجزی ماندهای
Малики ҷисматро чу билқис эй ғбӣ
ملک جسمت را چو بلقیس ای غبی
Тарк кун баҳри сулаймони набӣ
ترک کن بهر سلیمان نبی
намекунам лои ҳавл на аз гуфт хеш
میکنم لا حول نه از گفت خویش
Блак аз васвоси он андешаи кеш
بلک از وسواس آن اندیشه کیش
Кӯ хаёлӣ мекунад дар гуфт ман
کو خیالی میکند در گفت من
Дар дил аз васвосу инкороти занн
در دل از وسواس و انکارات ظن
намекунам лои ҳавл яъне чора нест
میکنم لا حول یعنی چاره نیست
Чун туро дар дил бздм гуфтанӣаст
چون ترا در دل بضدم گفتنیست
Чунк гуфт ман гирифтат дар гулӯ
چونک گفت من گرفتت در گلو
Ман хамаш кардам ту он худ бигӯ
من خمش کردم تو آن خود بگو
Он яке ноеи хуш не ме задаст
آن یکی نایی خوش نی میزدست
Ногаҳон аз мақъадаш бодӣ биҷуст
ناگهان از مقعدش بادی بجست
Ноиро бар куни ниҳод ӯ ки зи ман
نای را بر کون نهاد او که ز من
Гар ту беҳтар май занӣ бустон бизан
گر تو بهتر میزنی بستان بزن
эй мусулмони худ адаби андари талаб
ای مسلمان خود ادب اندر طلب
Нест алои ҳамл аз ҳар бе адаб
نیست الا حمل از هر بیادب
Ҳар киро бинӣ шикоят ме кунад
هر که را بینی شکایت میکند
Ки фалони каси рости табъу хуии бад
که فلان کس راست طبع و خوی بد
Ин шикоят гар бидон ки бдхў аст
این شکایتگر بدان که بدخو است
Ки мари он бдхўиро ӯ бдгў аст
که مر آن بدخوی را او بدگو است
Зонк хуши хуи он буд кӯ дар хмўл
زانک خوشخو آن بود کو در خمول
Бошад аз бдхўу бдтбъони ҳмўл
باشد از بدخو و بدطبعان حمول
Лек дар шайхи он гилаи з омир худост
لیک در شیخ آن گله ز آمر خداست
На паии хашму мморот ва ҳавост
نه پی خشم و ممارات و هواست
Он шикоят нест ҳаст ислоҳи ҷон
آن شکایت نیست هست اصلاح جان
Чун шикоят кардани пайғомбарон
چون شکایت کردن پیغامبران
Ноҳмўлии анбиё аз амри дон
ناحمولی انبیا از امر دان
Варна ҳмолсти бадро ҳлмшон
ورنه حمالست بد را حلمشان
Табъро киштанд дар ҳамли бадӣ
طبع را کشتند در حمل بدی
Ноҳмўлигар буд ҳаст эзадӣ
ناحمولی گر بود هست ایزدی
эй сулаймон дар миёни зоғу боз
ای سلیمان در میان زاغ و باز
Ҳалами ҳақи шӯ бо ҳама мурғон бисоз
حلم حق شو با همه مرغان بساز
эй ду сад билқиси ҳлмтро забун
ای دو صد بلقیس حلمت را زبون
Ки аҳади қавмии анҳми лои иълмўн
که اهد قومی انهم لا یعلمون