Қиссаи роз ҳалима гӯямат

قصهٔ راز حلیمه گویمت

То задойад достон ӯ ғамат

تا زداید داستان او غمت

Мустафоро чун зи шер ӯ боз кард

مصطفی را چون ز شیر او باز کرد

Бар кафши бардошт чун райҳону вирд

بر کفش برداشت چون ریحان و ورد

Май гризонидш аз ҳар неку бад

می‌گریزانیدش از هر نیک و بد

То сипорад он шҳншаҳро ба ҷад

تا سپارد آن شهنشه را به جد

Чун ҳаме оварад амонатро зи бим

چون همی آورد امانت را ز بیم

Шуд ба каъба ва омад ӯ андари ҳтим

شد به کعبه و آمد او اندر حطیم

Аз ҳаво бишунид бонгии к-эии ҳтим

از هوا بشنید بانگی کای حطیم

Тофт бар ту офтобии баси азим

تافت بر تو آفتابی بس عظیم

эй ҳтим имрӯз ояд бар ту зуд

ای حطیم امروز آید بر تو زود

Сад ҳазорон нур аз хуршеди ҷӯад

صد هزاران نور از خورشید جود

эй ҳтими имрӯзи орад дар ту рахт

ای حطیم امروز آرد در تو رخت

Муҳташами шоҳӣ ки пайк ӯст бахт

محتشم شاهی که پیک اوست بخت

эй ҳтими имрӯз бешак аз навай

ای حطیم امروز بی‌شک از نوی

Манзили ҷонҳои болои шӯй

منزل جانهای بالایی شوی

Ҷони покони талаби талабу ҷўқи ҷўқ

جان پاکان طلب طلب و جوق جوق

Оядат аз ҳар навоҳии масти шавқ

آیدت از هر نواحی مست شوق

Гашти ҳайрони он ҳалима зон садо

گشت حیران آن حلیمه زان صدا

На касе дар пеш на сӯии қафо

نه کسی در پیش نه سوی قفا

Шаш ҷиҳати холии зи сӯрати венаи Нидо

شش جهت خالی ز صورت وین ندا

Шуд паёпаии он Нидоро ҷони фидо

شد پیاپی آن ندا را جان فدا

Мустафоро бар замин биниҳод ӯ

مصطفی را بر زمین بنهاد او

То кунад он бонги хушро ҷусту ҷӯ

تا کند آن بانگ خوش را جست و جو

Чашм май андохти он дами сӯ ба сӯ

چشم می‌انداخت آن دم سو به سو

Ки куҷоаст ин шаҳи асроргў

که کجا است این شه اسرارگو

Кини чунин бонги баланд аз чапу рост

کین چنین بانگ بلند از چپ و راست

намерасад ё раб расонанда куҷост

می‌رسد یا رب رساننده کجاست

Чун надид ӯ хира ва навмед шуд

چون ندید او خیره و نومید شد

Ҷисми ларзони ҳам чу шох бед шуд

جسم لرزان هم‌چو شاخ بید شد

Боз омад сӯии он Тифли рашид

باز آمد سوی آن طفل رشید

Мустафоро бар макон худ надид

مصطفی را بر مکان خود ندید

Ҳайрати андар ҳайрат омад бар дилаш

حیرت اندر حیرت آمد بر دلش

Гашти баси торик аз ғами манзилаш

گشت بس تاریک از غم منزلش

Сӯии манзилҳо давид ва бонг дошт

سوی منزلها دوید و بانگ داشت

Ки кӣ бар дурдонаам ғорат гумошт

که کی بر دردانه‌ام غارت گماشت

Макён гуфтанд моро илм нест

مکیان گفتند ما را علم نیست

Мо надонистем ки онҷо кӯдакӣаст

ما ندانستیم که آنجا کودکیست

Рехти чандон ашк ва кард ӯ баси фиғон

ریخت چندان اشک و کرد او بس فغان

Ки азу гирён шуданд он дигарон

که ازو گریان شدند آن دیگران

Синаи кӯбони он чунон бигирист хуш

سینه کوبان آن چنان بگریست خوش

Ки ахтарон гирён шуданд аз гиря аш

که اختران گریان شدند از گریه‌اش