ё дарин раҳ оядам он коми ман
یا درین ره آیدم آن کام من
ё чу боз оем зи раҳи сӯии ватан
یا چو باز آیم ز ره سوی وطن
Бўк мавқуфаст комам бар сафар
بوک موقوفست کامم بر سفر
Чун сафар кардам биёбам дар ҳзр
چون سفر کردم بیابم در حضر
Ёрро чандин биҷӯем ҷаду чуст
یار را چندین بجویم جد و چست
Ки бидонам ки намебоист ҷуст
که بدانم که نمیبایست جست
Он маъаят кӣ равад дар гӯши ман
آن معیت کی رود در گوش من
То нигарадам гирди даврони змн
تا نگردم گرد دوران زمن
Кӣ кунам ман аз маъаяти фаҳми роз
کی کنم من از معیت فهم راز
Ҷуз ки аз баъди сафарҳои дароз
جز که از بعد سفرهای دراز
Ҳақ маъаят гуфту дилро меҳр кард
حق معیت گفت و دل را مهر کرد
То ки акс ояд ба гӯши дил на тард
تا که عکس آید به گوش دل نه طرد
Чун сафарҳо кард ва дод роҳ дод
چون سفرها کرد و داد راه داد
Баъд аз он меҳр аз дил ӯ бар кушод
بعد از آن مهر از دل او بر گشاد
Чун ?хитойин он ҳисоб бо сафо
چون خطایین آن حساب با صفا
Гардадаш равшани зи баъди ду хато
گرددش روشن ز بعد دو خطا
Баъд аз он гуяд агар донстмӣ
بعد از آن گوید اگر دانستمی
Ин маъаятро кӣ ӯро ҷстмӣ
این معیت را کی او را جستمی
Дониши он буд мавқуфи сафар
دانش آن بود موقوف سفر
Ноед он дониш ба тезии фикр
ناید آن دانش به تیزی فکر
Ончунон ки ваҷҳи воми шайх буд
آنچنان که وجه وام شیخ بود
Бастау мавқуфи гиряи он вуҷӯд
بسته و موقوف گریهٔ آن وجود
Кӯдак ҳлўоииӣ бигирист зор
کودک حلواییی بگریست زار
Тўхтаҳ шуд воми он шайхи кбор
توخته شد وام آن شیخ کبار
Гуфта шуд он достони маънавӣ
گفته شد آن داستان معنوی
Пеши азин андари хилоли маснавӣ
پیش ازین اندر خلال مثنوی
Дар дилати хавфи афканд аз музиъӣ
در دلت خوف افکند از موضعی
То набошад ғайри онат мтмъӣ
تا نباشد غیر آنت مطمعی
Дар тамаъи фоидаи дигар наад
در طمع فایدهٔ دیگر نهد
Вони муродат аз касе дигар диҳад
وآن مرادت از کسی دیگر دهد
эй тамаъ дар баста дар як ҷои сахт
ای طمع در بسته در یک جای سخت
Ки оядам мива аз он олии дарахт
که آیدم میوه از آن عالیدرخت
Он тамаъ зон ҷо нахоҳад шуд вафо
آن طمع زان جا نخواهد شد وفا
Бали зи ҷой дигар ояд он ато
بل ز جای دیگر آید آن عطا
Он тамаъро пас чаро дар ту ниҳод
آن طمع را پس چرا در تو نهاد
Чун нахостат зон тарафи он чиз дод
چون نخواستت زان طرف آن چیز داد
Аз барои ҳикматӣу санъатӣ
از برای حکمتی و صنعتی
Низ то бошад дилат дар ҳайратӣ
نیز تا باشد دلت در حیرتی
То дилати ҳайрон буд эй мстФид
تا دلت حیران بود ای مستفید
Ки муродам аз куҷо хоҳад расад
که مرادم از کجا خواهد رسد
То бадонеи аҷзи хешу ҷаҳли хеш
تا بدانی عجز خویش و جهل خویش
То шавад аиқони ту дар ғайб беш
تا شود ایقان تو در غیب بیش
Ҳам дилати ҳайрон буд дар мунтаҷаъ
هم دلت حیران بود در منتجع
Ки чаҳ рӯйанд масрафи зини тамаъ
که چه رویاند مصرف زین طمع
Тамаъи дории рӯзе дар дарзе
طمع داری روزیی در درزیی
То зи хайётӣ безар то зе
تا ز خیاطی بی زر تا زیی
Ризқи ту дар заргарии оради падед
رزق تو در زرگری آرد پدید
Ки зи ваҳмат буд он мксби баъӣд
که ز وهمت بود آن مکسب بعید
Пас тамаъ дар дарзеи баҳр чаҳ буд
پس طمع در درزیی بهر چه بود
Чун нахост он ризқ зон ҷониб гушӯд
چون نخواست آن رزق زان جانب گشود
Баҳри нодири ҳикматӣ дар илми ҳақ
بهر نادر حکمتی در علم حق
Ки набшати он ҳукмро дар мо сабақ
که نبشت آن حکم را در ما سبق
Низ то ҳайрон буд андешаи ?ут
نیز تا حیران بود اندیشهات
То ки ҳайронӣ буд кули пешаи ?ут
تا که حیرانی بود کل پیشهات
ё висоли ёри зин саъйам расад
یا وصال یار زین سعیم رسد
ё зи роҳии хориҷ аз саъии ҷасад
یا ز راهی خارج از سعی جسد
Ман нагӯям зин тариқ ояд мурод
من نگویم زین طریق آید مراد
Май тпм то аз куҷо хоҳад кушод
میطپم تا از کجا خواهد گشاد
Србридаҳи мурғ ҳар сӯ ме фитад
سربریده مرغ هر سو میفتد
То кадомин сӯ раҳад ҷон аз ҷасад
تا کدامین سو رهد جان از جسد
ё мурод ман барояд зини хурӯҷ
یا مراد من برآید زین خروج
ё зи бурҷии дигар аз зоти албрўҷ
یا ز برجی دیگر از ذات البروج