Ин сухан поён надорад гуфт мӯш
این سخن پایان ندارد گفت موش
Чуғзро рӯзӣ ки эй мисбоҳи ҳуш
چغز را روزی که ای مصباح هوش
Вақтҳо хоҳам ки гӯям бо ту роз
وقتها خواهم که گویم با تو راز
Ту даруни оби дорӣ тарк тоз
تو درون آب داری ترکتاز
Бар лаби ҷӯи ман турои наъраи занон
بر لب جو من ترا نعرهزنان
Нашнавӣ дар оби нолаи ошиқон
نشنوی در آب نالهٔ عاشقان
Ман бад-ӣни вақти муайян эй далер
من بدین وقت معین ای دلیر
наменигарадам аз муҳокоти ту сайр
مینگردم از محاکات تو سیر
Панҷ вақт омад намозу раҳнамӯн
پنج وقت آمد نماز و رهنمون
Ошиқонро фии салоаи доӣмўн
عاشقان را فی صلاة دائمون
На ба панҷ ором гирад он хумор
نه به پنج آرام گیرد آن خمار
Ки дар он срҳости неи панҷсад ҳазор
که در آن سرهاست نی پانصد هزار
Нест зари ғбои вазифаи ошиқон
نیست زر غبا وظیفهٔ عاشقان
Сахти мстсқисти ҷони содиқон
سخت مستسقیست جان صادقان
Нест зари ғбои вазифаи моҳён
نیست زر غبا وظیفهٔ ماهیان
Зонк бедарё надоранд инси ҷон
زانک بیدریا ندارند انس جان
Оби ин дарё ки ҳоили буқъаи ист
آب این دریا که هایل بقعهایست
Бо хумори моҳёни худ ҷуръаи ист
با خمار ماهیان خود جرعهایست
Як дами ҳиҷрон бар ошиқ чу сол
یک دم هجران بر عاشق چو سال
Васли солии муттасили пешаши хаёл
وصل سالی متصل پیشش خیال
Ишқи мстсқисти мстсқии талаб
عشق مستسقیست مستسقیطلب
Дар паии ҳам ин ва он чун рӯзу шаб
در پی هم این و آن چون روز و شب
Рӯз бар шаб ошиқаст ва музтараст
روز بر شب عاشقست و مضطرست
Чун бибинӣ шаб бирав ошиқ тараст
چون ببینی شب برو عاشقترست
Несташон аз ҷуст ваҷу як лаҳзаи ист
نیستشان از جستوجو یک لحظهایست
Аз паии ҳамашон яке дам ист нест
از پی همشان یکی دم ایست نیست
Ин гирифтаи пои он он гӯши ин
این گرفته پای آن آن گوش این
Ин бар он мадҳуш ва он бе ҳуши ин
این بر آن مدهوش و آن بیهوش این
Дар дили маъшӯқи ҷумла ошиқ аст
در دل معشوق جمله عاشق است
Дар дили узро ҳамеша Вомиқ аст
در دل عذرا همیشه وامق است
Дар дили ошиқ ба ҷуз маъшӯқ нест
در دل عاشق به جز معشوق نیست
Дар майонишон Форқ ва форуқ нест
در میانشان فارق و فاروق نیست
Бар яке уштур буд ин ду даро
بر یکی اشتر بود این دو درا
Пас чаҳ зари ғбои бгнҷди ин ду ро
پس چه زر غبا بگنجد این دو را
Ҳеҷ кас бо хеши зар ғбо намӯд
هیچ کس با خویش زر غبا نمود
Ҳеҷ кас бо худ ба навбати ёр буд
هیچ کس با خود به نوبت یار بود
Он яке на ки ақлаш фаҳм кард
آن یکیی نه که عقلش فهم کرد
Фаҳми ин мавқуф шуд бар марги мард
فهم این موقوف شد بر مرگ مرد
Вар ба ақли идроки ин мумкини бадӣ
ور به عقل ادراک این ممکن بدی
Қаҳри нафас аз баҳр чаҳ воҷиб шудӣ
قهر نفس از بهر چه واجب شدی
Бо чунон раҳмат ки дорад шоҳи ҳаш
با چنان رحمت که دارد شاه هش
Безарурат чун бигӯед нафаси каш
بیضرورت چون بگوید نفس کش