Суферо гуфт хоҷаи сими пош
صوفیی را گفت خواجهٔ سیمپاش
эй қадамҳои турои ҷонами фаррош
ای قدمهای ترا جانم فراش
Як дирами хоҳии ту имрӯз эй шаҳам
یک درم خواهی تو امروز ای شهم
ё ки фардои чоштгоҳии се дирам
یا که فردا چاشتگاهی سه درم
Гуфт даии ним дирами розии терм
گفت دی نیم درم راضیترم
Зонк имрӯзи ину фардои сад дирам
زانک امروز این و فردا صد درم
Силии нақд аз ътоءи нася ба
سیلی نقد از عطاء نسیه به
Нак қафо пешат кашидам нақди даҳ
نک قفا پیشت کشیدم نقد ده
Хоссаи он силӣ ки аз даст туаст
خاصه آن سیلی که از دست توست
Ки қафоу сайляш маст туаст
که قفا و سیلیش مست توست
Ҳин биё эй ҷони ҷон ва сад ҷаҳон
هین بیا ای جان جان و صد جهان
Хуши ғанимати дори нақди ин замон
خوش غنیمت دار نقد این زمان
Дар мдзди он рӯй ма аз шаби равон
در مدزد آن روی مه از شب روان
Срмкши зини ҷӯй эй оби равон
سرمکش زین جوی ای آب روان
То лаб ҷӯ хандад аз оби муайян
تا لب جو خندد از آب معین
Лаби лаби ҷӯи сари براردи ёсамин
لب لب جو سر برآرد یاسمین
Чун бибинӣ бар лаби ҷӯи сабзаи маст
چون ببینی بر لب جو سبزه مست
Пас бидон аз давр ки онҷо об ҳаст
پس بدان از دور که آنجا آب هست
Гуфт симоҳми вуҷӯҳи кирдигор
گفت سیماهم وجوه کردگار
Ки буд ғаммози борони сабзаи зор
که بود غماز باران سبزهزار
Гар баборад шаб набинад ҳеҷ кас
گر ببارد شب نبیند هیچ کس
Ки буд дар хоб ҳар нафасу нафас
که بود در خواب هر نفس و نفس
Тозагӣ ҳар гулистони ҷамил
تازگی هر گلستان جمیل
Ҳаст бар борони пинҳонии далел
هست بر باران پنهانی دلیل
эй ахӣ ман хокем ту обе
ای اخی من خاکیم تو آبیی
Лек шоҳи раҳмату ваҳобе
لیک شاه رحمت و وهابیی
Он чунон кун аз ато ва аз қисм
آنچنان کن از عطا و از قسم
Ки гуҳ ва бегуҳ ба хизмат май расм
که گه و بیگه به خدمت میرسم
Бар лаби ҷӯи ман ба ҷон май хўонмт
بر لب جو من به جان میخوانمت
наменабинам аз иҷобати марҳамат
مینبینم از اجابت مرحمت
Омадан дар об бар ман баста шуд
آمدن در آب بر من بسته شد
Зонк таркибами зи хокӣ руста шуд
زانک ترکیبم ز خاکی رسته شد
ё расӯлӣ ё нишоне кун мадад
یا رسولی یا نشانی کن مدد
То туро аз бонги ман огаҳ кунад
تا ترا از بانگ من آگه کند
Баҳс карданд андарин кори он ду ёр
بحث کردند اندرین کار آن دو یار
Охири он баҳс он омад қарор
آخر آن بحث آن آمد قرار
Ки ба дасти оранди як риштаи дароз
که به دست آرند یک رشتهٔ دراز
То зи ҷазб ришта гардад кашфи роз
تا ز جذب رشته گردد کشف راز
Як сиррӣ бар пои ин бандаи дўтў
یک سری بر پای این بندهٔ دوتو
Баст бояд дигараш бар пои ту
بست باید دیگرش بر پای تو
То ба ҳам ойем зини фани мо ду тан
تا به هم آییم زین فن ما دو تن
Андар омезем чун ҷон бо бадан
اندر آمیزیم چون جان با بدن
Ҳаст тан чун ресмон бар пои ҷон
هست تن چون ریسمان بر پای جان
намекашонад бар заминаши зи осмон
میکشاند بر زمینش ز آسمان
Чуғзи ҷон дар оби хоби биҳшӣ
چغز جان در آب خواب بیهشی
Руста аз мӯш тан ояд дар хушӣ
رسته از موش تن آید در خوشی
Мӯши тан зон ресмон бозаш кашад
موش تن زان ریسمان بازش کشد
Чанд талхии зини кашиши ҷон май чшд
چند تلخی زین کشش جان میچشد
Гар набӯдӣ ҷазби мӯши гандаи мағз
گر نبودی جذب موش گندهمغز
Айш ҳо кардӣ даруни оби чуғз
عیشها کردی درون آب چغز
Боқиш чун рӯз бархезӣ зи хоб
باقیش چون روز برخیزی ز خواب
Бишинавӣ аз нўрбхши офтоб
بشنوی از نوربخش آفتاب
Як сари риштаи гиреҳ бар пои ман
یک سر رشته گره بر پای من
Зон сари дигари ту по бар уқдаи зан
زان سر دیگر تو پا بر عقده زن
То тавонам ман дарин хушкӣ кашид
تا توانم من درین خشکی کشید
Мар туро нак шуд сари риштаи падед
مر ترا نک شد سر رشته پدید
Талх омад бар дили чуғзи ин ҳадис
تلخ آمد بر دل چغز این حدیث
Ки маро дар уқдаи оради ин хабис
که مرا در عقده آرد این خبیث
Ҳар кароҳат дар дили мард баӣ
هر کراهت در دل مرد بهی
Чун дар ояд аз фаннӣ набӯд тиҳӣ
چون در آید از فنی نبود تهی
Васфи ҳақи дони он фаросатро на ваҳм
وصف حق دان آن فراست را نه وهم
Нури дил аз лавҳ кул кардаст фаҳм
نور دل از لوح کل کردست فهم
Имтиноъи пел аз сайрони ббит
امتناع پیل از سیران ببیت
Бо ҷади он пилбону бонги ҳят
با جد آن پیلبان و بانگ هیت
Ҷониб каъба нарафтӣ пои пел
جانب کعبه نرفتی پای پیل
Бо ҳамаи лат на касӣр ва на қалил
با همه لت نه کثیر و نه قلیل
Гуфте худ хушк шуд поҳои ӯ
گفتیی خود خشک شد پاهای او
ё бамурд он ҷони сўли афзой ӯ
یا بمرد آن جان صولافزای او
Чунк кардандӣ сараши сӯии Яман
چونک کردندی سرش سوی یمن
Пели нари сад аспаи гаштии гоми зан
پیل نر صد اسپه گشتی گامزن
Ҳиси пел аз захми ғайби огоҳ буд
حس پیل از زخم غیب آگاه بود
Чун буд ҳис вале бо вуруд
چون بود حس ولی با ورود
На ки ёқӯби набии он поки ху
نه که یعقوب نبی آن پاکخو
Баҳри Юсуф бо ҳамаи ихвон ӯ
بهر یوسف با همه اخوان او
Аз падар чун хостандаш додрон
از پدر چون خواستندش دادران
То барандаш сӯии саҳрои як замон
تا برندش سوی صحرا یک زمان
Ҷумла гуфтандаш миндиш аз зарар
جمله گفتندش میندیش از ضرر
Як ду рӯзаши муҳлатии даҳ эй падар
یک دو روزش مهلتی ده ای پدر
То ба ҳам дар мараҷҳо бозӣ кунем
تا به هم در مرجها بازی کنیم
Мо дарин даъвати амин ва Муҳсинем
ما درین دعوت امین و محسنیم
Гуфт ин донам ки нақлаш аз барам
گفت این دانم که نقلش از برم
намефурӯзад дар дилами дарду суқм
میفروزد در دلم درد و سقم
Ин дилам ҳаргиз намегуяд дурӯғ
این دلم هرگز نمیگوید دروغ
Ки зи нур арш дорад дили фурӯғ
که ز نور عرش دارد دل فروغ
Он далели қотеъии бад бар фасод
آن دلیل قاطعی بد بر فساد
Вази қазои онро накард ӯ аътдод
وز قضا آن را نکرد او اعتداد
Дар гузашт аз ваии нишонеи он чунон
در گذشت از وی نشانی آنچنان
Ки қазо дар фалсафа буд он замон
که قضا در فلسفه بود آن زمان
Ин аҷаб набӯд ки кӯр уфтад ба чоҳ
این عجب نبود که کور افتد به چاه
Булъаҷаби афтодани бинои роҳ
بوالعجب افتادن بینای راه
Ин қазоро гӯнаи гавани тсриФҳост
این قضا را گونه گون تصریفهاست
Чашми бандаши иФъли аллоҳи мо ишост
چشمبندش یفعلالله ما یشاست
Ҳам бидонад ҳам надонад дили фанаш
هم بداند هم نداند دل فنش
Мум гардад баҳри он меҳри оҳанаш
موم گردد بهر آن مهر آهنش
Гӯйе дил гуядӣ ки майл ӯ
گوییی دل گویدی که میل او
Чун дарин шуд ҳарчӣ уфтад бош гӯ
چون درین شد هرچه افتد باش گو
Хешро зини ҳам мғФл ме кунад
خویش را زین هم مغفل میکند
Дар ъқолши ҷон мъқл ме кунад
در عقالش جان معقل میکند
Гар шавад моти андарин он бўолъло
گر شود مات اندرین آن بوالعلا
Он набошад мот бошад ибтило
آن نباشد مات باشد ابتلا
Як бало аз сад блооши вои хирад
یک بلا از صد بلااش وا خرد
Як ҳубуташ бар мъорҷҳои барад
یک هبوطش بر معارجها برد
Хоми шухӣ ки рҳонидши мудом
خام شوخی که رهانیدش مدام
Аз хумори сад ҳазорон зишти хом
از خمار صد هزاران زشت خام
Оқибат ӯ пухта ва устод шуд
عاقبت او پخته و استاد شد
Ҷуст аз рқи ҷаҳон ва озод шуд
جست از رق جهان و آزاد شد
Аз шароби лоязолии гашти маст
از شراب لایزالی گشت مست
Шуд мумайиз аз хилоиқ боз раст
شد ممیز از خلایق باز رست
зи эътиқоди сусти пари тақлидашон
ز اعتقاد سست پر تقلیدشان
Вази хаёли дида бе дидашон
وز خیال دیدهٔ بیدیدشان
эй аҷаб чаҳ фан занад идрокашон
ای عجب چه فن زند ادراکشان
Пеши ҷзру мади баҳр бе нишон
پیش جزر و مد بحر بینشان
Зон биёбони ин иморат ҳо расед
زان بیابان این عمارتها رسید
Малику шоҳӣ ва вазоратҳо расед
ملک و شاهی و وزارتها رسید
Зон биёбони адами муштоқи шавқ
زان بیابان عدم مشتاق شوق
намерасанд андари шаҳодати ҷўқи ҷўқ
میرسند اندر شهادت جوق جوق
Корвон бар корвони зини бодия
کاروان بر کاروان زین بادیه
намерасад дар ҳар мсоу ғодиаҳ
میرسد در هر مسا و غادیه
Ояд ва гирад всоқи мо гарав
آید و گیرد وثاق ما گرو
Ки расидами навбат мо шуд ту рӯ
که رسیدم نوبت ما شد تو رو
Чун писари чашми хирадро бар кушод
چون پسر چشم خرد را بر گشاد
Зуди бобои рахт бар гардуни ниҳод
زود بابا رخت بر گردون نهاد
Ҷода шоҳаст он зини сӯи равон
جادهٔ شاهست آن زین سو روان
Вон аз он сӯи содирону воридон
وآن از آن سو صادران و واردان
Нек бингар мо нишаста ме рӯем
نیک بنگر ما نشسته میرویم
наменабинӣ қосид ҷой навем
مینبینی قاصد جای نویم
Баҳр ҳоле менагирӣ раси мол
بهر حالی مینگیری راس مال
Блак аз баҳри ғаразҳо дар мол
بلک از بهر غرضها در مَآل
Пас мусофири ин буд эй раҳи параст
پس مسافر این بود ای رهپرست
Ки масиру равиш дар мстқблст
که مسیر و روش در مستقبلست
Ҳам чунонк аз пардаи дил бе клол
همچنانک از پردهٔ دل بیکلال
Дам ба дам дар мерасад хайли хаёл
دم به دم در میرسد خیل خیال
Гар на тасвирот аз як мғрс анд
گر نه تصویرات از یک مغرساند
Дар паии ҳам сӯии дил чун ме расанд
در پی هم سوی دل چون میرسند
Ҷўқи ҷўқи аспоаҳи тасвироти мо
جوق جوق اسپاه تصویرات ما
Сӯии чашмаи дили шитобон аз змо
سوی چشمهٔ دل شتابان از ظما
Ҷираҳо пар мекунанд ва май раванд
جرهها پر میکنند و میروند
Доимои пайдо ва пинҳон ме шаванд
دایما پیدا و پنهان میشوند
Фикрҳоро ахтарони чархи дон
فکرها را اختران چرخ دان
Доири андари чархи дигари осмон
دایر اندر چرخ دیگر آسمان
Саъд дидӣ шукр кун эсор кун
سعد دیدی شکر کن ایثار کن
Наҳс дидӣ садақа ва истиғфор кун
نحس دیدی صدقه و استغفار کن
Мо кӣем инро биё эй шоҳи ман
ما کییم این را بیا ای شاه من
Толеъам мқбл кун ва чархӣ бизан
طالعم مقبل کن و چرخی بزن
Рӯҳро тобон кун аз анвори моҳ
روح را تابان کن از انوار ماه
Ки зи осеби занб ҷон шуд сиёҳ
که ز آسیب ذنب جان شد سیاه
Аз хаёлу ваҳму занн бозаш Раҳон
از خیال و وهم و ظن بازش رهان
Аз чаҳу ҷаври расан бозаш Раҳон
از چه و جور رسن بازش رهان
То зи дилдории хуби ту дилӣ
تا ز دلداری خوب تو دلی
Пар бар орад бар пурди зи обу гулӣ
پر بر آرد بر پرد ز آب و گلی
эй азизи Миср ва дар паймони дуруст
ای عزیز مصر و در پیمان درست
Юсуфи мазлӯм дар зиндони тест
یوسف مظلوم در زندان تست
Дар халос ӯ яке хобӣ бибин
در خلاص او یکی خوابی ببین
Зуд ки аллоҳи иҳби алмҳснин
زود که الله یحب المحسنین
Ҳафт гови лоғарии пари газанд
هفت گاو لاغری پر گزند
Ҳафт гови фарбеҳашро ме хуранд
هفت گاو فربهش را میخورند
Ҳафт хӯшаи хушки зишти нописанд
هفت خوشهٔ خشک زشت ناپسند
Сунбулоти тозаашро май чаранд
سنبلات تازهاش را میچرند
Қаҳт аз Мисраш бар омад эй азиз
قحط از مصرش بر آمد ای عزیز
Ҳин мабош эй шоҳи инро мстҷиз
هین مباش ای شاه این را مستجیز
Юсуфам дар ҳабси ту эй шаҳи нишон
یوسفم در حبس تو ای شه نشان
Ҳин зи дастони занонам во Раҳон
هین ز دستان زنانم وا رهان
Аз сӯии аршӣ ки будам мрбт ӯ
از سوی عرشی که بودم مربط او
Шаҳват модар фикандам ки аҳбтўо
شهوت مادر فکندم که اهبطوا
Пас фитодам зон камоли мсттм
پس فتادم زان کمال مستتم
Аз фани золӣ ба зиндони раҳм
از فن زالی به زندان رحم
Рӯҳро аз арши орад дар ҳтим
روح را از عرش آرد در حطیم
Лоҷарам кед занон бошад азим
لاجرم کید زنان باشد عظیم
Аввалу охири ҳубути ман зи зан
اول و آخر هبوط من ز زن
Чунк будам рӯҳ ва чун гаштами бадан
چونک بودم روح و چون گشتم بدن
Бишинав ин зории Юсуф дар ъсор
بشنو این زاری یوسف در عثار
ё бар он ёқӯб бе дили раҳми ор
یا بر آن یعقوب بیدل رحم آر
Нола аз ихвон кунам ё аз занон
ناله از اخوان کنم یا از زنان
Ки Фкндндм чу одам аз ҷинон
که فکندندم چو آدم از جنان
Зон мисоли барги дай пажмурда ам
زان مثال برگ دی پژمردهام
Каз биҳишти васли гандум хӯрда ам
کز بهشت وصل گندم خوردهام
Чун бидидам лутфу икроми туро
چون بدیدم لطف و اکرام ترا
Вони саломи силаму пайғоми туро
وآن سلام سلم و پیغام ترا
Ман сапанд аз чашм бад кардам падед
من سپند از چشم بد کردم پدید
Дар сапандам низ чашм бад расед
در سپندم نیز چشم بد رسید
Дофеъ ҳар чашми бад аз пеш ва пас
دافع هر چشم بد از پیش و پس
Чашмҳои пари хумори тесту бас
چشمهای پر خمار تست و بس
Чашми бадро чашми некӯяти шҳо
چشم بد را چشم نیکویت شها
Мот ва мстосл кунад нъми алдўо
مات و مستاصل کند نعم الدوا
Бали зи чашмат кимиёҳо ме расад
بل ز چشمت کیمیاها میرسد
Чашми бадро чашм некӯ ме кунад
چشم بد را چشم نیکو میکند
Чашми шаҳ бар чашми боз дил задаст
چشم شه بر چشم باز دل زدست
Чашми бозаши сахт бо ҳиммат шудаст
چشم بازش سخت با همت شدست
То зи баси ҳиммат ки ёбед аз назар
تا ز بس همت که یابید از نظر
наменагирад бози шаҳи ҷузи шери нар
مینگیرد باز شه جز شیر نر
Шер чаҳ кони шоҳи бози маънавӣ
شیر چه کان شاهباز معنوی
Ҳам шикори тест ва ҳам сайдаши тӯй
هم شکار تست و هم صیدش توی
Шуд сафири бози ҷон дар мараҷи дайн
شد صفیر باز جان در مرج دین
Наъраҳои лои аҳби алоФлин
نعرههای لا احب الافلین
Бози дилро ки пай ту ме парид
باز دل را که پی تو میپرید
Аз атоӣ беҳадат чашмӣ расед
از عطای بیحدت چشمی رسید
Ёфт бинии буиу гӯш аз ту самоъ
یافت بینی بوی و گوش از تو سماع
Ҳар ҳиссиро қисматӣ омад мушоъ
هر حسی را قسمتی آمد مشاع
Ҳар ҳиссиро чун диҳии раҳи сӯии ғайб
هر حسی را چون دهی ره سوی غیب
Набӯд он ҳисро Фтўри маргу шеб
نبود آن حس را فتور مرگ و شیب
Молики алмаликӣ ба ҳиси чизеи диҳӣ
مالک الملکی به حس چیزی دهی
То ки бар ҳис ҳо кунад он ҳиси шаҳӣ
تا که بر حسها کند آن حس شهی