Оҳ дар он шамъи мунаввар чаҳ буд

آه در آن شمع منور چه بود

Котш зад дар дилу дилро рабӯд

کآتش زد در دل و دل را ربود

эй зада андари дили ман оташӣ

ای زده اندر دل من آتشی

Сӯхтам эй дӯсти биёи зуди зуд

سوختم ای دوست بیا زود زود

Сӯрати дили сӯрат махлуқ нест

صورت دل صورت مخلوق نیست

Каз рухи дили ҳасани худо рӯ намӯд

کز رخ دل حسن خدا رو نمود

Ҷуз шукраш нест марои чора Эй

جز شکرش نیست مرا چاره‌ای

Ҷузи лаб ӯ нест марои ҳеҷ суд

جز لب او نیست مرا هیچ سود

Ёд кун онро ки яке субҳдам

یاد کن آن را که یکی صبحدم

Ин дилам аз зулфи ту бандӣ гушӯд

این دلم از زلف تو بندی گشود

Ҷони ман аввал ки бидидам ту ро

جان من اول که بدیدم تو را

Ҷони ман аз ҷони ту чизеи шунӯд

جان من از جان تو چیزی شنود

Чун дилам аз чашмаи ту об хӯрд

چون دلم از چشمه تو آب خورد

Ғарқа шуд андари туу сайлами рабӯд

غرقه شد اندر تو و سیلم ربود

Хониш
ғзл шморҳ 1001 — ъндлӣб