набиштаи сети худои гирди чеҳраи дилдор

نبشته‌ست خدا گِردِ چهره دلدار

Хаттӣ ки Фоътбрўо манеҳ ё аввалии алобсор

خطی که فاعتبروا منه یا اولی‌الابصار

Чу ишқ мардум хораст мардумӣ бояд

چو عشقْ مردم‌خوارست مردمی باید

Ки хеш луқма кунад пеши ишқи мардуми хор

که خویش لقمه کند پیش عشقِ مردم‌خوار

Ту луқмаи туршии дайри дайри ҳазми шӯй

تو لقمه ترشی دیر دیر هضم شوی

Валеаст луқмаи ширини нӯши нӯши гўор

ولیست لقمه شیرین‌نوشِ نوش‌گوار

Ту луқма Эй башикан зонк он даҳон тангаст

تو لقمه‌ای بشکن زانک آن دهان تنگست

Се пел ҳам нахурд мари туро магар ба се бор

سه پیل هم نخورد مر تو را مگر به سه بار

Ба пеши ҳирси ту худ пели луқма Эй бошад

به پیشِ حرص تو خود پیل لقمه‌ای باشد

Тӯй чу мурғи абобил пел карда шикор

توی چو مرغ ابابیل پیل کرده شکار

Ту зодаи адамии омадаи зи қаҳти дароз

تو زاده عدمی آمده ز قحطِ دراز

Туро чаҳ мурғи мсмни ғизо чаҳ каждуму мор

تو را چه مرغ مسمن غذا چه کژدم و مار

Ба дег гарм раседӣ гуҳии даҳони сӯзӣ

به دیگ گرم رسیدی گهی دهان سوزی

Гуҳӣ сиёҳ кунӣ ҷомау лабу дастор

گهی سیاه‌کنی جامه و لب و دستار

Ба ҳеҷ сайр нагардӣ чу меъдаи дӯзах

به هیچ سیر نگردی چو معده دوزخ

Магар ки бар ту наад пои холиқи ҷаббор

مگر که بر تو نهد پایْ خالق جبار

Чунонк бар сари дӯзахи қадам наад холиқ

چنانک بر سر دوزخ قدم نهد خالق

Нидо кунад ки шудам сайри ҳин қадам бурдор

ندا کند که شدم سیر هین قدم بردار

Худост сиркни чашми авлиёу хавос

خداست سیرکنِ چشم اولیا و خواص

Ки рустаанд зи хешу зи ҳирси ин мурдор

که رَسته‌اند ز خویش و ز حرص این مردار

На ҳирси илм ва ҳунар монадашон на ҳирси биҳишт

نه حرص علم و هنر ماندشان نه حرص بهشت

Наҷуед ӯ хару уштур ки ҳаст ширсўор

نجوید او خر و اشتر که هست شیرسوار

Хамӯш агар шимурами ман атоу бахшиш ҳоаш

خموش اگر شمرم من عطا و بخشش‌هاش

Аз он шумор шавад гӣҷу хираи рӯзи шумор

از آن شمار شود گیج و خیره روز شمار

Биёи ту муфаххари табриз , шамси дайн ба ҳақ

بیا تو مفخرِ تبریز، شمسِ دین به‌حق

Каминаи чокари ту шамси гунбади даввор

کمینه چاکرِ تو شمسِ گنبدِ دوّار

Хониш
ғзл шморҳ 1136 — ъндлӣб
ғзл шморҳ 1136 — фотмҳ зндӣ